kanpur road accident
- फोटो : amar ujala
बूढ़ी नानी बोली बुझ गया बेटी के घर का इकलौता चिराग
हादसे के वक्त दोनों बच्चों के माता पिता घर पर नहीं थे। बच्चों की देखभाल उनकी बूढ़ी नानी ही कर रहीं थीं। खुशी की नानी गीता देवी ने बताया कि एलकेजी में पढ़ती है, जबकि आर्यन यूकेजी का छात्र था। दोनों बच्चे साथ खेलते थे। वहीं आर्यन की नानी जनक दुलारी ने बताया कि थोड़ी देर पहले स्कूल से आने के बाद वह खाना मांगने लहा। जब तक वह खाना देती वह खेलने निकल गया। बुलाकर खाना खिलाया इसके बाद फिर खुशी के साथ खेलने लगा। छाती पीटकर रोते हुए बोली, बेटी को कैसे बताउंगी कि उसके घर का इकलौता चिराग बुझ गया है।