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Terrorist: गुजरात के मदरसे से भगाया गया था सैफुल्ला, 10 दिन पहले बना था पेश इमाम, घर से भाग ऐसे काटा था समय

Wed, 17 Aug 2022 09:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

आतंकी हबीबुल के परिवार और आसपास के लोगों को उसकी गतिविधियों पर शक था। वो अपने दोस्तों को भी जिहाद की ओर ले जाने की कोशिश कर चुका है।
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आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ एटीएस की गिरफ्त में आने वाला जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी हबीबुल अपनी गलत गतिविधियों के चलते गुजरात के मदरसे से भगाया गया था। यह बात उसके परिचित लोगों ने बताई है। जिसके बाद उसका प्रतापगढ़ में नाम लिखाया गया। वहां से भी पढ़ाई छोड़कर वह चला आया था। उसकी गतिविधियों की जानकारी पड़ोसियों और दोस्तों को थी। पड़ोस के लड़कों ने उससे मतलब रखना बंद कर दिया था।

वह सभी को जिहाद के लिए उकसाता था। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में रहने वाले कौम के लोगों की मदद के लिए कहता था। वह मुस्लिमों के साथ होने वाली क्रूरता के वीडियो दिखाकर जिहाद के लिए उकसाता था। घरवाले कहीं न कहीं उसकी मानसिकता जान चुके थे। घर में काफी दिनों से सैफुल्ला और उसके पिता के बीच विवाद चल रहा था। पिता ने उसे सही राह पर लाने के लिए घर में खाना पानी बंद कर दिया था। कई बार उसे पीटा भी था।
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जैश ए मोहम्मद - फोटो : सोशल मीडिया
जैश-ए-मोहम्मद से सीखा था फर्जी आईडी बनाया
गलत राह दिखाने वाले इस्लामिक संगठनों के वीडियो देखकर जैश-ए-मोहम्मद से वह जुड़ा था। उसे आतंकी संगठन के लोगों ने ही फर्जी आईडी बनाना सिखाया था। उसे यह भी बताया था कि कुछ दिनों में उसे आईडी फिर से नई बनानी होगी। कुछ करीबी लोगों ने बताया कि आईडी बनाने के लिए दोस्तों के मोबाइल का इस्तेमाल करता था। वह बहाने से मोबाइल लेता था। उसके बाद आईडी बनाता था। आईडी बनाने के दौरान मोबाइल अपने पास ही रखता था। ओटीपी मैसेज को चेक करने के बाद डिलीट कर देता था। उसकी अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश के संगठनों से अक्सर बातचीत होती थी।
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हबीबुल इस्लाम के घर के पास लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
घर से भगाए जाने पर दोस्तों के घर में काटा समय
पिता जफरूल ने सैफुल्ला को घर से भगा दिया था। इसके बाद वह अलग-अलग दोस्तों के घरों में कुछ दिन के लिए रुकता था। धरपकड़ के दिन बाइक से दोपहर करीब तीन बजे वह नमाज पढ़ाकर अपने किसी दोस्त के घर लौट रहा था। रास्ते में एटीएस ने आतंकी को पकड़ लिया। सैफुल्ला के पकड़े जाते ही लोगों में चर्चा हो गई थी कि बड़ी घटना को अंजाम दिया होगा या फिर घटना की योजना बना रहा होगा। 

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मलवां थाने में सैफुल्ला की खड़ी बाइक - फोटो : अमर उजाला
एटीएस ने मलवां थाने में छोड़ी बाइक
एटीएस ने सैफुल्ला और उसके साथी को पकड़ने के बाद सीधे कानपुर हाईवे पर ले गई थी। एटीएस ने उसकी बाइक मलवां थाने में पुलिस के सुपुर्द की। बाइक सैफुल्ला के बड़े भाई फकरूल इस्लाम के नाम पर है।
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मदरसे की कॉलोनी में बना सैफुल्ला का घर - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल से सक्रिय हुआ था
साल 2019 में कोरोना के समय इटावा से सैफुल्ला लौटकर घर आया था। वह मोबाइल में आतंकी संगठनों के वीडियो देखकर जिहाद की तरफ आकर्षित हो गया था। वह मोबाइल पर वीडियो देखने के बाद लिंक के जरिये आतंकी संगठनों के संपर्क तक पहुंचा। उसका ब्रेन वॉश संगठनों ने किया था। वह अपने साथ चाकू भी रखता था। उसके पास मौजूद चाकू को कई लोगों ने देखा था।
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हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला। - फोटो : amar ujala
दस दिन पहले पेश इमाम बना था आतंकी सैफुल्ला
आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला के मामले में सनसनीखेज बात सामने आई है। पकड़े जाने के करीब 10 दिन पहले उसे मस्जिद का पेश इमाम बनाया गया था। हालांकि उसे पेश इमाम बनाने वाले का पता नहीं लग सका है। माना जा रहा है कि समय रहते पकड़े जाने से कई जिदंगी बर्बाद होने से बची हैं।  सैय्यदवाड़ा निवासी मदरसा शिक्षक जफरूल इस्लाम के बेटे सैफुल्ला को एटीएस ने 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
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आतंकी हबीबुल के पास मिला चाकू और अन्य सामान - फोटो : सोशल मीडिया
उसके पकड़े जाने पर नई बस्ती आबूनगर और सैय्यदवाड़ा मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं रही हैं। उसके साथ रहने वाले लोगों से बातचीत में सामने आया कि नई बस्ती पकड़े जाने से 10 दिन पहले नई बस्ती की मस्जिद में पेश इमाम बना था। वहां लोगों को पांचों वक्त की नमाज पढ़ाता था। वह नमाज में आने वाले नमाजियों को भटका सकता था। इसके अलावा खर्च-पानी के लिए आबूनगर, सैय्यदवाड़ा में कुछ बच्चों का ट्यूशन पढ़ाता था। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि सही समय पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उनके बच्चों को भी बरगला सकता था। 

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Terrorist Habibul - फोटो : ट्विटर
एटीएस से छूटने के बाद साथी घर में हुआ भूमिगत
नई बस्ती से एटीएस ने आतंकी सैफुल्ला के साथ उसके एक साथी को भी पकड़ा था। सैफुल्ला बचपन से उसके साथ पढ़ा था। इसी वजह से दोनों के बीच दोस्ती थी। एटीएस की गिरफ्त से छूटने के बाद सैफुल्ला का यह दोस्त घर पहुंचा है। इसके बाद से वह घर से बाहर नहीं निकला।
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घर में लोगों के बातचीत करते सैफुल्ला के वालिद हाफिज जफरुल इस्लाम - फोटो : अमर उजाला
उसके भाई ने बताया कि उसका छोटा भाई करीब 16 साल का है। उसके अंदर धरपकड़ की दहशत भरी हुई है। लखनऊ से आने के बाद एक कमरे में रह रहा है। पकड़े जाने के बाद ही एटीएस ने उसे पहले ही छोड़ने का आश्वासन दिया था। उसका नसीब अच्छा और अल्लाह का रहम था। एटीएस ने सैफुल्ला और उसे अलग-अलग कमरे में रखकर पूछताछ की। उसके भाई से कुछ खास पूछताछ नहीं हुई। उससे सैफुल्ला के साथ कब से होने और सैफुल्ला की हरकतों के बारे में पूछताछ की गई।
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