कई महीनों से चुप्पी साधे चित्रत्रिकूट के कुख्यात इनामी डाकू बबुली कोल ने एक बार फिर पुलिस को बड़ी चुनौती दी है। जिले मारकुंडी थाना क्षेत्र के मुटवन जंगल से सटी बस्ती में डकैतों का कहर टूटा। देररात बस्ती में घुसे डकैतों ने पहले घर के बाहर सो रहे ग्रामीणों को जगाकर मोबाइल मांगा। न देने पर असलहों की बट से पीटा और हवाई फायरिंग कर दी। जिससे पूरी बस्ती के लोग भयभीत हो गए। डकैतों ने आधा दर्जन ग्रामीणों को पीटा फिर जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस इस घटना से इंकार कर रही है। ग्रामीणों के चेहरे पर इतना भय है कि वह कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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ग्रामीणों के चेेहरे में भय, पुलिस ने किया इंकार
एक जुलाई की रात को मारकुंडी थाना क्षेत्र के टिकरिया के मुटवन जंगल से सटी मुटवन बस्ती में कुख्यात डकैत बबुली कोल गैंग समेत आ धमका। बस्ती में सबसे पहले ददन पुत्र भौंडीलाल को जगाकर मोबाइल मांगा। इसके बाद उससे कई लोगाें का पता पूंछा। युवक ने मोबाइल देने में आनाकानी की तो उसे असलहों की बट से पीट दिया।
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मोबाइल छीने और हवाई फायरिंग कर भागे डकैत
अधमरी हालत में उसे छोड़ आगे बढ़े और फिर बबली के घर में घुसे। उसकी पत्नी बटुआदेवी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसे भी गाली देकर पीटा। घर में अन्य सदस्य न होने पर डकैत बाहर आ गए। इसके बाद बगल में सुंदर के घर का जबरन दरवाजा खोलकर अंदर आए तो सुंदर की पत्नी सिलियादेवी ने कहा कि घर में कोई पुरुष नहीं है। उन्हें जाने को कहा इतना सुनते ही डकैतों ने उसे लाठी डंडे से पीटा।
ग्रामीणों के चेहरे पर इतना भय है कि वह कुछ बोलने को तैयार नहीं
ग्रामीणों के अनुसार डकैत जिसे ढूंढ रहे थे वह नहीं मिला तो फिर हवाई फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भाग निकले। इस दौरान घर के बाहर सो रहे तीन अन्य ग्रामीणों को भी गाली देकर मोबाइल छीना और पीट दिया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि यह डाकू बबुली कोल गैंग ही था। उसके कुछ सदस्यों को वह पहचान गए थे लेकिन पुलिस के सामने बोलने से ग्रामीण भयभीत हैं। थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना पर पुलिस इस गांव गई थी लेकिन किसी ने भी डकैतों के आने व मारपीट की जानकारी नहीं दी है।