यूपी में कानपुर के आर्य नगर स्थित वेदांता हॉस्पिटल में रविवार देर रात पति की मौत के करीब दस मिनट बाद पत्नी ने चौथी मंजिल की छत से छलांग लगाकर जान दे दी। एसपी पश्चिम संजीव सुमन, सीओ कर्नलगंज मनोज गुप्ता ने जांच पड़ताल की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में दोनों की अर्थी साथ-साथ उठी।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बेनाझाबर, स्वरूप नगर निवासी सुरेश चंद्र (45) प्लंबर था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि संक्रमण की वजह से सुरेश की आंतें फट गई थीं। शुक्रवार को उसे वेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को डॉ. मयंक ने सुरेश का ऑपरेशन किया। इसके बाद आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। रविवार देर रात गर्मी के चलते सुरेश की पत्नी रानी (40) परिजनों के साथ हॉस्पिटल की छत पर बैठी थी। रात करीब 1:30 बजे सुरेश की मौत की सूचना अस्पताल कर्मी ने परिजनों को दी।
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गमगीन परिजन
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घबराहट में परिजनों को तेजी से छत से नीचे जाता देखकर रानी को पति की मौत का अहसास हो गया। इसके बाद उसने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बकौल थाना प्रभारी सुरेश मूलरूप से निगोहा, लखनऊ के गोडियन खेड़ा का रहने वाला था। बेनाझाबर में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था।
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
सुरेश और रानी की मौत से उनकी दोनों बेटियां शिवानी और खुशी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वे कभी मां तो कभी पिता के चेहरे की ओर निहार कर फूट-फूटकर रो पड़ती थीं। दंपति की अर्थी जब एक साथ उठी, तो वहां मौजूद लोगों की भी आंखें छलक पड़ी। दोनों का भैरोघाट पर अंतिम संस्कार हुआ।
सुरेश की हालत गंभीर थी, परिजनों को उसकी हालत के बारे में बता दिया गया था। सुरेश की मौत के बाद उसकी पत्नी रानी ने हॉस्पिटल की छत से कूदकर जान दी है।
डॉ. गोविंद त्रिवेदी. एमडी वेदांता हॉस्पिटल