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Tax Raid: करोड़ों की टैक्स चोरी में इत्र कारोबारी को 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

Mon, 27 Dec 2021 06:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Tax raid: पीयूष जैन को भेजा गया जेल - फोटो : अमर उजाला
करोड़ों की टैक्स चोरी के आरोपी आनंदपुरी निवासी इत्र कारोबारी पीयूष जैन को रिमांड मजिस्ट्रेट योगिता कुमार की अदालत ने 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को पीयूष को अदालत में पेश कर डीजीजीआई (महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस) अहमदाबाद की टीम ने उसे जेल भेजने की मांग की, जिसका बचाव पक्ष ने विरोध किया।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पीयूष का रिमांड मंजूर कर लिया। जीएसटी के विशेष लोक अभियोजक अंबरीश टंडन ने कोर्ट में तर्क रखा कि पीयूष की कानपुर में त्रिमूर्ति फ्रेगरेंस और कन्नौज में ओडोकेम इंडस्ट्रीज नाम से दो फर्म हैं।



उसके आनंदपुरी स्थित घर से डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम के छापे में 177.45 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद रकम कानपुर एसबीआई की मुख्य शाखा में जमा करा दी गई है। जांच अभी जारी है। कन्नौज में भी नकदी, सोना और चंदन का तेल बरामद हुआ है। सात जगहों पर छापेमारी में पीयूष पर लगभग 31.50 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला बना है।
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इत्र व्यापारी पीयूष जैन के ठिकानों पर छापेमारी जारी - फोटो : amar ujala
उन्होंने सीजीजीएसटी एक्ट की धारा 132 (1) ए के तहत इसे गैर जमानती अपराध बताते हुए रिमांड मांगा। इस धारा में पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। बताया कि मामला डीजीजीआई अहमदाबाद में दर्ज है।
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Tax Raid: पीयूष जैन के कन्नौज ठिकाने पर रेड जारी - फोटो : अमर उजाला
हिरासत को बताया अवैध, बीमारियों का हवाला
पीयूष की पैरवी में लगे उसके रांची (झारखंड) निवासी दामाद नीरज जैन की ओर से रिमांड अर्जी के खिलाफ कोर्ट में शपथपत्र दिया गया। पीयूष की ओर से अधिवक्ता सुधीर मालवीय ने तर्क रखा कि 22 दिसंबर को उसे घर से पकड़ लिया गया।

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Tax Raid - फोटो : अमर उजाला
चार दिन अवैध तरीके से हिरासत में रखने के बाद 26 दिसंबर को गिरफ्तारी दिखाई गई। हाईकोर्ट की व्यवस्था है कि सात साल से कम की सजा वाले मामलों में विशेष परिस्थितियों में ही गिरफ्तारी की जानी चाहिए। यह टैक्स चोरी का मामला है, जिसमें रिकवरी की व्यवस्था है। पीयूष ब्लड प्रेशर, एंजाइटी, ब्लड शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित है। 
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piyush jain income tax raid - फोटो : अमर उजाला
52 करोड़ जमा होने से डीजीजीआई का इनकार
अधिवक्ता सुधीर मालवीय ने दावा किया कि पीयूष की ओर से टैक्स और पेनाल्टी के रूप में हिरासत में रहने के दौरान ही 52 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जीएसटी में जमा करा दिए गए हैं। 26 दिसंबर को डिप्टी रजिस्ट्रार डीजीजीआई अहमदाबाद को पेनाल्टी चुकाने की सहमति देते हुए प्रार्थनापत्र दिया था। एसबीआई के मैनेजर को भी जमा धन से 52 करोड़ रुपये जीएसटी खाते में आरटीजीएस करने के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया गया था। हालांकि, डीजीजीआई ने रकम जमा होने से इनकार किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने रिमांड अर्जी स्वीकार कर पीयूष को जेल भेज दिया।
 
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