कानपुर के चर्चित पूर्व बसपा नेता और हिस्ट्रीशीटर पिंटू सेंगर हत्याकांड मामले में अब खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। अफसर गोपनीय तरीके से पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। आधा दर्जन पुलिसकर्मी रडार पर हैं। वहीं मामला डीजीपी मुख्यालय तक पहुंच गया है।
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पूर्व बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
हत्याकांड में चकेरी पुलिस, सीओ, एसपी, समेत स्वाट और सर्विलांस टीम जांच के दायरे में है। दर्जनों लोगों को उठाकर छोड़ा गया। वहीं महफूज अख्तर का नाम बाहर किया गया। कोर्ट की सख्ती और पुलिस की साठगांठ का खुलासा होने के बाद महफूज को आरोपी बनाया गया है।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
अन्य दोनों आरोपियों मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल का नाम भी केस डायरी में शामिल किया गया। इसमें पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। विभागीय जांच के साथ ही अब खुफिया विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। कुछ पुख्ता साक्ष्य भी हाथ लगे हैं। खुफिया विभाग की टीम जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय समेत अन्य अधिकारियों को भेजेगी।
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बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
डीजीपी के आदेश पर हो रही है जांच
एडीजी जय नारायन सिंह ने प्रकरण का संज्ञान लेकर एक रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय भेजी थी। साथ ही जांच की संस्तुति की थी। मुख्यालय से जांच के आदेश हुए। इसके तहत एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार भी जांच कर रहे हैं।
बयान दर्ज कराने को नोटिस जारी
एसपी पश्चिम ने पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में उन्होंने पूर्व विवेचक समेत कई पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजा है। इसमें वर्तमान थानेदार रवि कुमार श्रीवास्तव से भी पूछताछ होगी। उनके भी बयान होंगे। एसपी का कहना है कि सीडीआर का खंगालने में वक्त लग रहा है। साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।