जीएसवीएम मेडिकल कालेज में नीट काउंसलिंग के दौरान स्टूडेंटों ने जमकर बवाल काटा। छात्रों ने फीस बढ़ोतरी को लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को सीधे-सीधे जिम्मेदार ठहराया है।
उनका कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथ में मेडिकल कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था का कार्यभार रहा तब तक सब सही चलता रहा। लेकिन जब से शिवपाल यादव ने यह कार्यभार संभाला तभी से गड़बड़ियों की झड़ी लग गई है। प्राइवेट कॉलेज मनमानी कर फीस बढ़ा रहे हैं।
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निजी कॉलेजों की फीस बढ़ाने पर डॉक्टरों से भिड़ गए अभिभावक और छात्र
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डॉक्टरों के साथ मारपीट करते छात्र
- फोटो : राहुल शुक्ला
प्राइवेट मेडिकल कालेजों की फीस तय न होने से ही नाराज स्टूडेंटों ने स्टाल पलटकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। काउंसलिंग करा रहे डॉक्टर को पीट-पीट कर उनके कपड़े फाड़ डाले। यही नहीं, बीच बचाव करने आए एक डॉक्टर और कर्मचारी से भी बौखलाए छात्रों ने हाथापाई कर नारेबाजी शुरू कर दी।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में नीट काउंसलिंग के लिए 15, 000 रैंक तक के स्टूडेंट बुलाए गए थे। इस दौरान स्टूडेंट कॉलेज ट्यूशन फीस के साथ-साथ साढ़े तीन लाख रुपये हॉस्टल फीस, साढ़े तीन लाख रुपये कॉशन मनी और डेढ़ लाख रुपये लाइब्रेरी शुल्क की अनिवार्यता की स्टालों से दी गई जानकारी से भड़क गए।
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हंगामे के आरोप में छात्र को पकड़कर थाने ले जाती पुलिस
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छात्रों को काबू करने मेडिकल कॉलेज पहुंची पुलिस
- फोटो : राहुल शुक्ला
इस पर कई अभिभावक और स्टूडेंट काउंसलिंग कमेटी के सदस्यों से ट्यूशन फीस के बाबत जानकारी हासिल करने को पहुंच गए। काउंसलिंग प्रभारी प्रोफेसर आरपी शर्मा असमर्थता जताई तो स्टूडेंटों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी बीच करीब सवा ग्यारह बजे एनाउंसमेंट कर पांच हजार रैंक तक के स्टूडेंटों को काउंसलिंग के लिए बुलाए गया तो कुछ स्टूडेंट और अभिभावक भड़क गए।
इसके बाद कालेजों के कर्मचारी जान बचाकर भागे। स्टूडेंटों ने निजी मेडिकल कॉलेजों के स्टाल पलटकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। बवाल बढ़ने पर करीब 15 मिनट बाद काउंसलिंग प्रक्रिया रोक दी गई। वहीं, काउंसलिंग करा रहे डॉ. शैलेंद्र सिंह ने स्टूडेंटों और अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया।
स्टूडेंटों ने डॉक्टरों को भी पकड़कर कूटा
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तोड़फोड़ के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : राहुल शुक्ला
इस पर स्टूडेंटों ने उनकी पिटाई कर शर्ट फाड़ दी। बीच बचाव करने पहुंचे डॉ. प्रशांत त्रिपाठी और कर्मचारी शक्ति रावत से धक्का - मुक्की शुरू होने पर स्वरूप नगर, नवाबगंज सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस हंगामे के आरोप में दो छात्रों को पकड़कर थाने ले आई। शाम तक दोबारा काउंसलिंग शुरू कराने के प्रयास चलते रहे।
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तोड़फोड़ के बाद सूना पड़ा काउंसलिंग हॉल
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बवाल के बाद रुकी काउंसलिंग प्रक्रिया
- फोटो : राहुल शुक्ला
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ वीएन त्रिपाठी ने बताया 27 निजी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की 3700 सीटों और 23 डेंटल कॉलेजों में बीडीएस 2300 सीटों के लिए काउंसलिंग हो रही है। इन कॉलेजों में एमबीबीएस की सालाना ट्यूशन फीस 11 लाख 30 हजार और डेंटल की सवा तीन लाख तय है।
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कॉलेज में हुई तोड़फोड़ के बाद अफरा-तफरी का माहौल
- फोटो : राहुल शुक्ला
वहीं प्रोफेसर आरपी शर्मा ने कहा, प्रभारी काउंसलिंग निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस पर भ्रम के चलते काउंसलिंग के दौरान सुबह हंगामा हुआ। काउंसलिंग सेंटर में अव्यवस्था की बात गलत है।
आगरा के मुकेश गुप्ता का कहना है, चिकित्सा शिक्षा विभाग पहले अखिलेश यादव के पास था, तब निजी मेडिकल कालेजों की 50 फीसदी सीटों की वार्षिक ट्यूशन फीस 36, 500 रुपये बताई गई थी। अब निजी कालेज मनमानी पर उतारू हैं।
अलीगढ़ के तौफीक अहमद का कहना है, निजी मेडिकल कालेजों की ट्यूशन फीस से लेकर हास्टल, लाइब्रेरी सहित सभी शुल्क पहले से घोषित करने चाहिए। यदि मालूम होता कि बेटे को एमबीबीएस कराने के लिए पांच साल में एक करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे तो यहां आते ही नहीं।