रानी लक्ष्मीबाई
कानपुर जोकि कई सारी धरोहरों का प्रतीक है। यहीं पर रानी ने नाना साहब से रणनीति के दावपेज सीखे। नाना राव पार्क इस बात का प्रतीक माना जाता है। इसका विवरण इतिहास में भी दिया है। सुभद्रा कुमारी चौहान ने अपनी कविता में भी मेरठ,लखनऊ के साथ कानपुर का जिक्र किया है।