आईआईटी कानपुर में शुक्रवार से जैव उद्यमियों के लिए दो दिवसीय एंटरप्रिन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत हुई। बतौर मुख्य वक्ता सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर व एसबीईआरटीसी के समन्वयक प्रो. बीवी फड़ी ने शिरकत की।
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उन्होंने जैव उद्यमिता को समाज के लिए जरूरी बताया। बोले, मेडिकल से जुड़ी तकनीक का प्रयोग कर समाज को फायदा पहुंचाने वालों की कमी है। मेडिकल के क्षेत्र में जितने स्टार्टअप शुरू होंगे उतना ही समाज और देश को फायदा होगा।
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आगे उन्होंने आइडिया जनरेशन और फंड रेजिंग के तरीके बताए। कहा कि आज देश और दुनिया में निवेशक पैसा लेकर तैयार हैं बस जरूरत है तो अच्छे आइडिया की। अनुसंधान एवं विकास के डीन प्रो. एस गणेश ने बीएसबीई विभाग की जानकारी दी। डॉ. अमिताभ बंदोपाध्याय ने संस्थान के बायो इंक्यूबेशन सेंटर की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप को शुरू करने के लिए उनका केंद्र हर तरह का सहयोग देता है। तिरुवनंतपुरम से आए आद्राचंद्र मौली, एम्स के डॉ. प्रशांत झा, प्रौद्योगिकी और व्यापार सलाहकार अमित शुक्ला सहित अन्य कई हस्तियों ने उद्यमियों को सफलता का टिप्स दिया।