फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर सोते समय थम जाते हैं आपके हाथ और पैर तो अब जान लें इसका असली कारण

Wed, 29 Aug 2018 08:54 AM IST
प्रतीक मिश्रा, कानपुर
विज्ञापन
1 of 7
डेमो पिक

क्या कभी अपने सोचा है कि आप सो कर उठें और अपने हाथ पैर ना हिला पाएं। यह कितना डरा देने वाला होगा सोच कर ही अपकी रूह कांप जाएगी। कई बार सोते वक्त हमें ऐसा लगता है कि हम जाग तो गए हैं लोकिन अपने हाथ-पैर नहीं हिला पा रहे हैं, लेकिन कुछ ही देर में यह ठीक भी हो जाता है। आज हम जानेंगे क्या है इसपर धर्म और विज्ञान का नजरिया।


पंडित विजय पांडे आज हमे बता रहे हैं धर्म की दृष्टि से क्या हैं इसके कारण...

आगे की स्लाइड में पढ़ें- काला जादू और काली शक्तियां हैं इसका कारण...

 

विज्ञापन

2 of 7
डेमो पिक

पंडित विजय पांडे बताते हैं कि इस तरह की चीजें ज्यादातर उन लोगों के साथ होती हैं जिनके ऊपर किसी तरह का जादू टोना कराया गया होता है। जब भूत प्रेत इंसानी शरीर पर काबू करने की कोशिश करते हैं तो दिमाग तो अपनी तरह से ही काम करता है लेकिन शरीर पर इंसान का बस नही रह जाता है।

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- कमजोर दिल वालों पर पड़ता है अधिक प्रभाव...

 

विज्ञापन

3 of 7
डेमो पिक

दिल और दिमाग से कमजोर लोग इससे नहीं उभर पाते हैं और दिमाग पर भी इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं दूसरी ओर जो लोग दिल और दिमाग से मजबूत होते हैं उनपर इसका अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है और सोते समय ही अचानक उनकी नींद खुल जाती है।

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- जब इंद्रियां हो जाती हैं सुप्त...

 

 

4 of 7
डेमो पिक

इसे सुप्त अवस्था भी कहते हैं यह अवस्था मृत अवस्था के समान होती है। जब बुरी शक्तियां इंसान पर प्रभाव डालना शुरू करती हैं तो उसकी इंद्रियां सुप्त हो जाती हैं और इसी कारण इंसानी शरीर काम करना बंद कर देता है। लेकिन विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो इसका कारण कुछ और ही है।

 

मनोवैज्ञानिक डॉ. उन्नती कुमार बता रहे हैं कि इसपर मेडिकल साइंस का क्या नजरिया है...

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- स्लीप पैरालिसिस के बारे में...

विज्ञापन

5 of 7
डेमो पिक

डॉ उन्नती कुमार बताते हैं कि ऐसी समस्या को स्लीप पैरालिसिस कहा जाता है। ऐसी अवस्था में इंसान का शरीर सोते समय पैरालाइज हो जाता है। इसका असर 10-30 सेकेंड तक रहता है, इसमें इसान का दिमाग तो जाग जाता है लेकिन शरीर नींद से नहीं जाग पाता है।

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- एस्ट्रल ट्रेवल के बारे में...

 

 

 

विज्ञापन

6 of 7
डेमो पिक

यह समस्या आम तौर पर सभी लोगों के साथ होती है। कई लोग इसे भूत-प्रेत आदी से जोड़ने में लग जाते है लोकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। साइंस की भाषा में इसे एस्ट्रल ट्रेवल भी कहा जाता है। इस अवस्था में इंसान का शरीर सपनों की दुनिया में खो जाता है और उससे बाहर निकलने में उसे काफी समस्या होती है। दिमाग नींद से जाग जाता है लेकिन शरीर नींद की अवस्था में ही रह जाता है।

 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- योग से हो सकता है निवारण...

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
डेमो पिक
अगर यह समस्या किसी को बहुत समय से हो रही है तो उसे योग का सहारा लेना चाहिए। योग से व्यक्ति का दिमाग शांत रहता है और इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें