यूपी के कानपुर में स्वागत समारोह में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भिड़ गए। कुर्सी पर बैठने के विवाद में दक्षिण इकाई के नेताओं और समर्थक के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इस दौरान चप्पलें भी चलीं। पहली बार कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रभारी शहर आए थे।
कानपुर के नौबस्ता स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में बुधवार को कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी के सामने कुर्सी पर बैठने को लेकर भाजपाई आपस में ही भिड़ गए। भाजपा की दक्षिण इकाई के दो नेताओं के बीच गालीगलौज के साथ ही दो बार जमकर लात-घूंसे और चप्पलें चलीं।
हंगामे के बीच क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने मारपीट कर रहे लोगों को किसी तरह से कार्यालय के बाहर निकाला। इसके बाद कार्यालय के बाहर भी मारपीट हुई। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने मामले की जांच के लिए मंच से ही पांच सदस्यीय कमेटी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी तो उसके आधार पर अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 8
केशवनगर स्थित भाजपा क्षेत्रिय कार्यालय में मारपीट करते कार्यकर्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय स्थित सभागार में शंकर लाल लोधी के प्रथम आगमन पर उनका स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। भाजपा की दक्षिण इकाई के विनय सिंह राठौर और पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता क्षेत्रीय प्रभारी का स्वागत करने मंच पर गए।
विज्ञापन
3 of 8
केशवनगर स्थित भाजपा क्षेत्रिय कार्यालय में मारपीट करते कार्यकर्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों वापस आए तो कुर्सी पर बैठने को लेकर उनके बीच कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों के बीच गालीगलौज शुरू हो गई और जमकर लात-घूंसे चले। दक्षिण इकाई के जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह सहित अन्य लोगों ने दोनों नेताओं और उनके समर्थकों को अलग कर किसी तरह से शांत कराया।
4 of 8
केशवनगर स्थित भाजपा क्षेत्रिय कार्यालय में मारपीट करते कार्यकर्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थोड़ी ही देर बाद शिवपूजन और विनय फिर भिड़ गए और दोनों के बीच चप्पलें चलने लगीं। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने दोनों को स्वागत कक्ष से बाहर निकाल दिया। बाहर निकलने के बाद भी दोनों पक्षों के मारपीट हुई तो कार्यकर्ताओं ने बीचबचाव कर अलग कराया। मारपीट करने वालों के कपड़े भी फट गए थे।
विज्ञापन
5 of 8
क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी का स्वागत करते कार्यकर्ता और नेता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनुशासनहीनता करने वाले होंगे निष्कासित: साहू
मारपीट और हंगामे को लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष ने मंच से ही सख्त लहजे में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसे दल में ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना की जांच क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, क्षेत्रीय मंत्री सुनील तिवारी, जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, जिलाध्यक्ष दक्षिण शिवराम सिंह और जिलाध्यक्ष ग्रामीण उपेंद्र पासवान की टीम करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनहीनता करने वालों को पार्टी से निष्कासित किया जाएगा।
विज्ञापन
6 of 8
केशवनगर स्थित भाजपा क्षेत्रिय कार्यालय में मारपीट करते कार्यकर्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले शिवपूजन ने थप्पड़ मारा, फिर विनय ने चप्पल से किया वार
प्रत्यक्षदर्शी भाजपाइयों ने बताया कि कुर्सी पर बैठने के विवाद में पहले शिवपूजन ने विनय को थप्पड़ मारा तो मारपीट शुरू हुई। हालांकि मामला शांत करा दिया गया। इसके कुछ देर बाद विनय ने पीछे से आकर शिवपूजन पर चप्पल से वार किया तो फिर मारपीट होने लगी। भाजपाइयों का कहना था कि जब मामला शांत हो गया था तो विनय को दोबारा मारपीट शुरू कर माहौल नहीं खराब करना चाहिए था।
विज्ञापन
7 of 8
UP BJP controversy
- फोटो : वीडियो ग्रैब
कार्यकर्ताओं ने बताया कि विनय दक्षिण इकाई के जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह के करीबी हैं। शिवपूजन जिला इकाई में पद न पाने से शिवराम सिंह से खिन्न रहते हैं। इस बीच कुछ कार्यकर्ता मारपीट को पिछड़ी और अगड़ी जाति की वर्चस्व की लड़ाई से जोड़ कर राजनीतिक निहितार्थ निकालते हुए भी दिखे।
कार्रवाई के लिए नौबस्ता थाने में धरने पर बैठे शिवपूजन
भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय में मारपीट की घटना के बाद शिवपूजन सविता अपने समर्थकों के साथ हनुमंत विहार थाने पहुंचे। उन्होंने हनुमंत विहार थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। शिवपूजन ने कहा कि उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं और अपमानित कर बुरी तरह से मारा गया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने से मना कर दिया तो शिवपूजन अपने समर्थकों के साथ थाने के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। शिवपूजन और उनके समर्थक लगभग चार घंटे तक थाने पर धरने पर बैठे रहे। रात लगभग 9:30 बजे पुलिस शिवपूजन को मेडिकल परीक्षण के लिए कांशीराम अस्पताल ले गई। हनुमंत विहार थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि तहरीर लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।