कानपुर में नौबस्ता थाने के सिपाही ने शुक्रवार रात प्रेमिका को वीडियो कॉल कर कमरे में फांसी लगा ली। शनिवार सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम ने मौके से उसके मोबाइल व डायरी को कब्जे में लिया।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से आगरा निवासी वर्ष 2018 बैच के सिपाही विकास सोनी (24) नौबस्ता थाने में इंस्पेक्टर के हमराह थे। पांच दिन पहले विकास थाने के पीछे रहने वाले प्रमोद कुमार गौतम के मकान में किराये पर रहने आए थे। थाना प्रभारी आशीष शुक्ला ने बताया कि सुबह नौ बजे जब विकास थाने पर नहीं पहुंचे तो उन्हें कई फोन किए गए।
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पूछताछ करती महिला सिपाही
- फोटो : अमर उजाला
जवाब न मिलने पर थाने से सिपाही उसके कमरे पर भेजा गया। विकास का शव पंखे के कुंडे के सहारे चादर से लटका मिला। मोबाइल उसके शव के ठीक सामने खिड़की पर इस तरह से रखा था, जिससे पुलिस को आशंका हुई कि विकास ने वीडियो कॉल कर फांसी लगाई।
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मौके पर मौजूद पुलिस व क्षेत्रीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
विकास तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर का था। घटना की जानकारी पर एसएसपी दिनेश कुमार पी भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। आगरा से परिजनों के आने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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सिपाही ने फांसी लगाई
- फोटो : अमर उजाला
आगरा की युवती से फोन पर होती थी बात
साथी पुलिसकर्मियों के मुताबिक विकास सभी से हंस कर मिलता था। वह अक्सर किसी युवती से फोन पर बात किया करता था। पूछने पर विकास ने बताया था कि युवती आगरा विकास प्राधिकरण में क्लर्क है। कई बार दोनों के बीच अनबन हो जाती थी। इस पर वह परेशान हो जाता था। आशंका जताई जा रही है कि घटना के वक्त भी विकास की युवती से ही बात हो रही होगी और दोनों के बीच कहासुनी के बाद विकास ने खुदकुशी कर ली।
जिंदगी के आखिरी पल में रो रहा होऊंगा...
जब मेरी जिंदगी के वो आखिरी पल, सेकेंड होंगे तो रो रहा होऊंगा और रोते, रोते, रोते किसी से कुछ नहीं कहूंगा। बस हंस रहा होऊंगा और मन में यही चल रहा होगा कि यार क्या जिंदगी थी...तू जो आ गया। ये वो शब्द हैं, जो विकास ने आखिरी बार मरने से पहले अपनी डायरी में लिखे थे। अंत में विकास ने लिखा था बाय, बाय...लव यू एवरीवन।