नाबालिग से रेप के आरोपी आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार दिया और उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस खबर से सोशल मीडिया में अलग-अलग तरह के तमाम रिएक्शन देखे जा रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर प्रतिक्रियाएं... पेश है एक रिपोर्ट...
विज्ञापन
2 of 5
आसाराम बापू
यौन शोषण केस में जोधपुर कोर्ट ने बुधवार को आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामले में बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा दी गई है। जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में जज मधुसूदन शर्मा ने सभी दोषियों को यह सजा सुनाई। इससे पहले कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए शिवा उर्फ सवाराम (आसाराम का प्रमुख सेवादार), प्रकाश द्विवेदी (आश्रम का रसोइया) को बरी कर दिया था। कोर्ट ने माना है कि आसाराम ने ही नाबालिग से बलात्कार किया था।
विज्ञापन
प्रतिक्रियाएं
3 of 5
आसाराम बापू
“आसाराम” तो आज निपट गये,
“झासाराम” के समाचार कब समाप्त होगे - Arshi Khan
#जबरन हासिल #दो मिनट की खुशी #छीनती है किसी के #जीवन की हंसी... - Shivesh Singh Rana
उफ़, उम्रकैद
दो सौ साल जियो बलात्कारी बाबा- Syed Abu Obaida
आसिफा के बलात्कारियों का समर्थन वही लोग कर रहे है जो अपनी बहन को आसाराम के आश्रम में भेजते थे...Sneha Singh
4 of 5
आसाराम बापू
आसाराम बापू की सजा की सुनाई से पहले उनकी रिहाई को लेकर उनके देशभर के आश्रमों में पूजा-पाठ और आरती चल रही। कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित आश्रम में सन्नाटा देखने को मिला। कानपुर शहर में बड़ी संख्या में आसाराम बापू के अनुयायी है। आसाराम भी कई बार अपने पुत्र नारायण सांई के साथ शहर आये है। जेल जाने से पहले वह अंतिम बार वर्ष 2012-13 में बड़ा सेंट्रल पार्क शास्त्री नगर आये थे। तीन दिनों तक प्रवचन भी किया था।
इसके बाद सिंधी कालोनी स्थित अपने एक भक्त के गृह प्रवेश में भी गए थे। जब वह शहर आते है तब अपने मैनावती मार्ग स्थित आश्रम अवश्य जाते है। आश्रम में प्रत्येक रविवार को आसा रामायण का पाठ होता है। इसमें 100 से 150 भक्त पहुंचते है। इसके अलावा अन्य दिनों में मंदिर पर सन्नाटा पसरा रहता है। न तो कोई भक्त आता है और न ही आरती होती है।