कमिश्नर के गोद लिए गांव में छह सालों से छाया अंधेरा 24 घंटों में ‘उजाला’ में बदल गया। लंबे अरसे के बाद दलितों की झोपड़ी बिजली से जगमगाईं तो उनकी आंखें भी खुशी में चमक उठीं। अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से लगातार की गईं फरियादें गांव के अंधेरे को रोशनी में नहीं बदल सकीं। अब ‘अमर उजाला’ की एक पहल से गांव की बस्ती रोशन हो गई। ग्रामीण गदगद हैं।
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बांदा के नरैनी क्षेत्र का नीबी गांव चित्रकूटधाम मंडलायुक्त ने गोद ले रखा है। यहां दलित बस्ती में लगा 10 केवीए का ट्रासंफार्मर वर्ष 2010 मेें फुंक गया था। तब से गांव के बाशिंदे और उपभोक्ता लगातार क्षेत्रीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से ट्रांसफार्मर बदलने की फरियाद करते रहे। पर किसी ने तवज्जो नहीं दी। बिजली विभाग के अभियंता विभागीय नियम-कानून और उपभोक्ताओं पर बकाएदारी का अड़ंगा बताकर पल्ला झाड़ते रहे।