बुंदेलखंड में बारिश के बीच हुए अलग-अलग हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में दो महिलाएं हैं। हमीरपुर के मवईजार निवासी किसान रघुवीर कुशवाहा (46) अपने साढ़ू बालादीन कुशवाहा (50) निवासी भरखरी जिला बांदा व पुत्र दिलीप कुशवाहा (25) के साथ रविवार शाम करीब पांच बजे खेतों में तिल की फसल को अन्ना मवेशियों से बचाने के लिए झोपड़ी बना रहे थे। तभी अचानक बिजली गिरने से रघुवीर कुशवाहा व बालादीन कुशवाहा की मौके पर मौत हो गई।
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रोते-बिलखते मृतका के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
जबकि रघुवीर का पुत्र दिलीप कुशवाहा पूरी तरह से झुलस गया। खेतों से घरों को लौट रहे किसानों की नजर जब खेत किनारे पड़े तीनों लोगों पर पड़ी। तब लोगों ने परिजनों को सूचित किया। घटना की सूचना पाकर परिजन तीनों को उठाकर उपचार के लिए सदर अस्पताल ले गए। जहां पर डाक्टरों ने रघुवीर एवं बालादीन को मृत घोषित कर दिया और दिलीप को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान महेश शिवहरे ने बताया कि तहसीलदार गांव पहुंचे और घटना की जानकारी ली है।
बिजली गिरने से दो की मौत
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बदौसा थानांतर्गत उतरवां गांव निवासी राजबहादुर यादव (40) पुत्र गया प्रसाद सोमवार को सुबह लमेहटा गांव पुलिस चौकी जा रहा था। बारिश होने पर वह पीपल के पेड़ के नीचे रुक गया। तभी उस पर बिजली आ गिरी। चरवाहों ने परिजनों को जानकारी दी। लेखपाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की पत्नी कमला देवी ने बताया कि पति राजबहादुर मुकदमे के संबंध में पुलिस चौकी जा रहे थे। उसके दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। 5 एकड़ जमीन है।
मुस्करा थानाक्षेत्र के उपरहका गांव निवासी मूलचंद्र नामदेव का मंझला बेटा राजू अपनी पत्नी व बेटियों के साथ रहता है। मजदूरी कर परिवार पालता है। लगभग एक पखवारे पूर्व राजू की बुआ दुर्जी (60) पत्नी ध्रुवराम निवासी इकठौर थाना राठ उसके घर मेहमानी करने आई थी। रविवार सुबह से ही हो रही बारिश के कारण राजू परिवार के साथ घर पर ही था। देर शाम खाना खाने के बाद उसकी पत्नी शीलू (28), बेटियां शिवानी (8), प्रांशी (5), नैंशी (3) व माही (एक) तथा बुआ दुर्जी सभी लोग घर की अटारी में लेटे थे।
रात करीब एक बजे राजू लघुशंका करने आंगन में आया। उस समय बारिश हो रही थी। तभी उसकी कच्ची अटारी भरभराकर गिर गई और उसका पूरा परिवार मलबे में दब गया। यह देखकर राजू के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह चीखने चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर आ गए और मलबा हटाने लगे। अटारी के एक कोने में सो रही चारों बेटियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। उन्हें खरोंच तक नहीं आई।
जबकि उसकी पत्नी व बुआ को निकाला गया, दोनों बेसुध हालत में निकाली गईं। पड़ोसी व परिजन दोनों को सीएससी मुस्करा ले गए। जहां शीलू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दुर्जी की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसे परिजन झांसी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में बिंहूनी पुल के पास दुर्जी ने भी दम तोड़ दिया। राजू ने बताया कि उसकी पत्नी करीब तीन माह के गर्भ से भी थी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार हेमंत चौधरी ने बताया कि राजू भूमिहीन है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी नियमानुसार मदद हो सकेगी। उधर, बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र के बसहरी गांव निवासी चुन्नीलाल कुशवाहा पुत्र नंदलाल सोमवार को सुबह घर के अंदर भरा बारिश का पानी निकालने के लिए नाली साफ कर रहा था। तभी बिजली गिरी और उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक के नाम एक बीघा जमीन है। दो पुत्रियां हैं। लेखपाल को सूचना दी गई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।