कानपुर शहर आईं सिंगर नीति मोहन का कहना है कि उनका कानपुर से पुराना नाता रहा है। कई बार लखनऊ जाना होता था तो कानपुर जरूर रुकते थे। मां-पिता और हम बहनों को यहां का जायका बहुत पसंद है। इस बार भी पापा ने फोन कर लिस्ट बता दी है। उन्होंने कानपुर के लड्डू और मिठाइयां लाने को कहा है। बहन शक्ति मोहन ने सुपाड़ी और चूरन मंगाया है। शहर पहुंचने के बाद नीति ने अपनी जिंदगी और परिवार से जुड़ी कई ऐसी बातें बताई जो शायद ही आपने पहले कभी सुनी हो। जानिए नीति के जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से...
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नीति मोहन
- फोटो : अमर उजाला
नीति ने बताया कि कानपुर के स्वाद ने उनको बहुत आकर्षित किया। शहर पहुंचते ही उन्होंने सारा सामान खरीद भी लिया है। बता दें नीति ने तूने मारी एंट्रियां..., इंडिया वाले..., बैंग-बैंग टाइटल ट्रैक..., इश्क वाला लव, जिया रे, जिया रे... आदि मशहूर गाने गाए हैं। जेसीआई कानपुर की ओर से आयोजित म्यूजिकल नाइट में परफॉर्मेंस देने आईं नीति मोहन ने खास बातचीत में बताया कि जब वे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थीं तो दो छात्राएं कानपुर की भी थीं।
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नीति मोहन
नीति ने बताया कि वो दोनों आज भी उनकी अच्छी दोस्त हैं। कानपुर पहुंचते ही उनसे शनिवार को मिली भी। दोनों से मुलाकात कर बहुत अच्छा लगा। उनसे मिलकर पुराने दिन याद आ गए। नीति ने बताया कि दोनों से मिलकर मानों ऐसा लग रहा था कि वो अपनी पुरानी जिंदगी में पहुंच गई हों।
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नीति मोहन
नीति बताती हैं कि बचपन में जब वो मथुरा, वृंदावन घूमने जाती थीं तो वहां पर सजे हुए लोग खासा प्रभावित करते थे। उनको देखकर वह भी अपनी मां से जिद करती थी उसे भी गोपी की तरह तैयार कर दो। नीति ने कहा कि लाइव शो करने में मजा आता है।
नीति ने बताया कि लाइव शो करने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हर शहर और देश के लोगों के बारे में जानने का मौका मिलता है। उनकी जीवनशैली और विचारों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी मिल पाती है।