बांदा के चिल्ला थाना क्षेत्र का पपरेंदा गांव शुक्रवार को पुलिस की छावनी में तब्दील रहा। पूरे दिन अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नुमाइंदों का आना-जाना लगा रहा। पूरा गांव शोक में था। इसी माहौल के बीच पांच शवों का उनके परिजनों ने गांव के ही श्मशान स्थल पर दाह संस्कार किया। एक साथ दो चिताएं जलीं।
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पांच शवों की जली चिता
- फोटो : amar ujala
लालबहादुर और उसकी मासूम पुत्री का अंतिम संस्कार आज हुआ। पोस्टमार्टम के बाद गांव में शवों का पहुंचना देर रात से ही शुरू हो गया। पांचों शवों को उनके घरों में लाया गया। इनमें दो चचेरे भाई रामाधीन और रामगोपाल वर्मा के शव एक साथ उनके मकान के द्वार पर रखे गए।
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गांव में पसरा मातम
- फोटो : amar ujala
पूरे गांव की महिलाएं, पुरुष यहां शोक जताने को मौजूद रहे। बच्चों और महिलाओं के करुण क्रंदन से आसपास गम का माहौल रहा। उधर, हादसे को लेकर परिजनों में रोष भी नजर आया। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान, एसडीएम सुधीर सिंह, क्षेत्राधिकारी और कई थानों के प्रभारी और फोर्स उपस्थित रहा।
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गांव में हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : amar ujala
भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, बलराम सिंह कछवाह आदि भाजपा नेता भी मृतकों के परिजनों से मिले और सांत्वना दी। कांग्रेस के पूर्व विधायक दलजीत सिंह ने भी परिजनों से मिलकर शोक जताया। इसी गांव के बाशिंदे सपा के पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव पूरे समय मौजूद रहे।
सपा जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अशोक सिंह गौर, युवा कांग्रेस नेता केशव पाल आदि भी उपस्थित रहे। हादसे में मृतक लालबहादुर और उसकी बच्ची शान्हवी का अंतिम संस्कार शनिवार को होगा। परिजनों के मुताबिक मृतक लालबहादुर का बड़ा भाई रामबहादुर सेना में है। वह शनिवार को आएगा। तभी अंतिम संस्कार होगा।