बांदा जिले में जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर की मौत के चंद घंटे पहले मंगलवार रात पति डॉ.दीपक सिंह गौर ने भी पत्नी श्वेता से हुए झगड़े के बाद खुद को कमरे में बंद कर जान देने की कोशिश की थी। इस पर श्वेता ने नजदीक रहने वाले अपने फुफेरे ससुर नागेंद्र सिंह को फोन पर सूचना दी। नागेंद्र सिंह अपनी पत्नी प्रभा सिंह के साथ श्वेता के घर पहुंचे और समझाबुझा कर दीपक को कमरे से बाहर लाए। नागेंद्र ने बताया कि उन्होंने दीपक और श्वेता को आमने-सामने बैठाकर समझाकर शांत कराया था। दोनों ने उनके सामने ही खाना भी खाया था। स्थिति सामान्य हो जाने पर वे अपनी पत्नी के साथ घर लौट आए। नागेंद्र सिंह ने विवाद की वजह नहीं बताई।
मां की मौत, पिता का पता नहीं, सदमे में बेटियां
श्वेता सिंह गौर का मायका पड़ोसी जनपद चित्रकूट का कर्वी शहर है। पिता रिटायर्ड सेल टैक्स अफसर हैं। संपन्न परिवार है। माता-पिता के अलावा दो भाई और दो बहनें हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व पहले श्वेता की शादी जसपुरा थाना क्षेत्र के मरझा गांव में आईपीएस अधिकारी राजबहादुर सिंह (रिटायर्ड डीआईजी) के बेटे अधिवक्ता डॉ.दीपक से हुई थी।