सपा नेतृत्व से नाराज होकर 'प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया' बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव ने यहां बुधवार को बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में अगर महागठबंधन बनाने की उनकी पहल सफल हो जाती तो केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं बन पाती। सबको पता है कि किसने उस समय भाजपा के नेताओं से मिल कर महागठबंधन को रोकने का काम किया था। बुन्देलखण्ड में सियासी नब्ज टटोलने निकले शिवपाल सिंह यादव का पहला पड़ाव आज उरई में रहा।
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इस दौरान जिला पंचायत सभागार में पत्रकारों से मुखातिब होने के दौरान उनकी पार्टी को भाजपा की बी टीम माने जाने के सवाल पर शिवपाल ने रामगोपाल यादव को बिना नाम लिए भाजपा का एजेंट साबित करने में कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि वे सपा में दो साल से भाजपा के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए जद्दोजहद करते रहे लेकिन जानबूझ कर उनकी नहीं सुनी गई। अपनी पार्टी उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के लिए बनाई है।
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उनकी पार्टी भाजपा की बी टीम कैसे हो सकती है। शिवपाल ने फिर दोहराया कि उन्होंने पार्टी का गठन मुलायम सिंह से ही पूछने के बाद ही किया है। उन्होंने कहा कि एक बार नहीं तीन बार उन्होंने नेताजी से इसकी मंजूरी ली तब पार्टी का गठन किया। उन्होंने कहा कि सपा में नेताजी और उनका अपमान किया गया है। वे अब अपनी पार्टी से पीछे नहीं हटेंगे। अलबत्ता अगर सपा द्वारा कोई गठबंधन बनाया जाता है तो वे शामिल होने को तैयार हैं बशर्ते उनकी ताकत के मुताबिक शेयर उन्हें गठबंधन में दिया जाये ।
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खास बात रही कि शिवपाल सिंह के साथ सुरक्षा के नाम पर पूरा सरकारी तामझाम देखने को मिला।
हालांकि सपा का कोई बड़ा स्थानीय नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा। पत्रकार वार्ता में शिवपाल की पार्टी के बुन्देलखण्ड प्रभारी विष्णु पाल सिंह नन्हूराजा और जिलाध्यक्ष लाखन सिंह कुशवाहा मौजूद रहे।