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मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग को बताया अफवाह, प्राचार्य बोलीं-'घर की याद आ रही, इसलिए उदास हैं छात्र'

Wed, 24 Oct 2018 09:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग की अफवाह पर प्राचार्य ने कई छात्रों से की अलग-अलग बात
- कमेटी ने भी अपनी जांच में रैगिंग की बात से किया इनकार, महानिदेशक को भेजी गई रिपोर्ट
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डेमो पिक
कानपुर मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ फैली रैगिंग की अफवाह पर जांच कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी के मुताबिक छात्रों से रैगिंग नहीं हुई है। बुधवार को प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने भी हॉस्टल पहुंचकर मेडिकल छात्रों से पूछताछ की।
 
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मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग की अफवाह पर प्राचार्य ने कई छात्रों से की अलग-अलग बात
उन्होंने बताया कि छात्रों ने सीनियर द्वारा परेशान किए जाने से मना कर दिया है। कुछ छात्र उदास थे, उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि घर की याद आ रही है।
 
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मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग की अफवाह पर प्राचार्य ने कई छात्रों से की अलग-अलग बात
मेडिकल कॉलेज में फ्रेशर पार्टी के दौरान रैगिंग की अफवाह उड़ी थी। सीनियर छात्रों पर आरोप लगे थे कि जूनियर छात्रों को बाल छोटे करा दिए गए। सफेद पैंट शर्ट पहनने के लिए उन्हें बाध्य किया गया। यह शिकायत नेशनल हेल्प लाइन पर की गई थी।

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मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग की अफवाह पर प्राचार्य ने कई छात्रों से की अलग-अलग बात
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने लेक्चर थिएटर-3 में पत्रकारों को बताया कि जांच रिपोर्ट महानिदेशक को भेज दी गई है। जांच में शिकायत गलत पाई गई है। उन्होंने भी बुधवार सुबह हॉस्टल पहुंचकर कई छात्रों से अलग-अलग बात की।
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मेडिकल कॉलेज मेें रैगिंग की अफवाह पर प्राचार्य ने कई छात्रों से की अलग-अलग बात
छात्रों ने किसी भी कुछ छात्रों का उतरा चेहरा देखकर पूछा तो उन्होंने बताया कि घर की याद आ रही है। किसी तरह की अन्य परेशानी से भी छात्रों ने इंकार किया। उन्होंने कहा कि सफेद एप्रन और कपड़े पहनना रैगिंग नहीं होता है। इस मौके पर प्रॉक्टर डॉ. जीडी यादव के अलावा एंटी रैगिंग टीम के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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