बिकरू कांड के आरोपी शिवम दुबे ने एसटीएफ की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए। 25 हजार के इनामी शिवम ने बताया कि वह विकास दुबे के कहने पर चचेरे भाई सतेंद्र की डबल बैरल बंदूक लेकर प्रभात उर्फ कार्तिकेय की छत पर पहुंचा था।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा विकास के पुराने घर की छत से लेकर आसपास की छतों पर भी असलहाधारी मौजूद थे। पुलिस के पहुंचते ही छतों से उन पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। शिवम ने कबूला कि प्रभात के साथ उसने भी पुलिस पर करीब 30-35 राउंड गोलियां चलाईं थीं।
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kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
एसटीएफ की टीम ने चौबेपुर से गुरुवार को शिवम को पकड़ा था। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि शिवम अपने रिश्तेदार विकास दुबे के कहने पर बंदूक लेकर पहुंचा था। पूछताछ में उसने बताया कि अंधेरे की वजह से उसे खुद पता नहीं चला कि कितने पुलिस कर्मी गोली से ढेर हुए हैं।
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वारदात के बाद विकास के घर के पीछे वाले रास्ते से शिवली होते हुए वह फरार हो गया था। विकास के गुर्गों ने कुल 50-60 राउंड गोलियां चलाकर वारदात को अंजाम दिया था। चौबेपुर पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के बाद शिवम को जेल भेज दिया।
बता दें कि बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे और उसके पांच साथियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस इस मामले में अभी तक 12 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। मामले की जांच के लिए एसआईटी और न्यायिक आयाेग का गठन किया गया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के लिए फिर से समिति गठित करने के आदेश दिए हैं।