आज कल अखबारों में और अपने परिजनों से हमें कई ऐसे किस्से देखने और सुनने को मिलते हैं जिनमें लड़के और लडकियों को बेवकूफ बना कर उनकी शादी करवा दी जाती है। शादी के बाद उन्हें जब सच्चाई का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसका तोड़ निकालते हुए अब युवक और युवतियां अपने मंगेतर की लाइफस्टाइल, कैरेक्टर और बैकग्राउंड की जांच करा रहे हैं। परिवार कैसा है, कहीं किसी से अफेयर तो नहीं, मंगेतर या उसके परिवार का कोई क्रिमिनल रिकॉड तो नहीं जैसे तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए प्री मैट्रीमोनियल इन्वेस्टीगेशन (शादी से पहले जांच) कराई जा रही है। इसके लिए बाकायदा जासूसी कंपनी हायर की जाती है। शहर में ही कई कंपनियां हैं, जो यह काम करती हैं।
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डेमाे पिक
जासूसी कंपनियां लड़के और लड़की के साथ ही घरवालों की सारी जानकारियां निकालती हैं। इसके बाद एक टीम बनाकर कई बिंदुओं पर जांच शुरू करती हैं। इसके लिए कम से कम एक सप्ताह लगता है। ये कंपनियां क्लाइंट की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखती हैं।
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एक जासूसी कंपनी के मालिक रोहित मलिक नें बताया कि हर क्लाइंट का केस अलग-अलग होता है। उनके केस में आने वाली मुश्किलें और चुनौतियों के आधार पर यह तय किया जाता है कि कितनी फीस लगेगी। एक हफ्ते के समय के लिए कम से कम 35,000 रुपये से 45,000 रुपये तक चार्ज किया जाता है।
अगली स्लाइड में पढेंः- दिल्ली से होता है कंपनी का संचालन...
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शहर में ज्यादातर कंपनी दिल्ली से ही संचालित होती हैं। कंपनी वहीं से अपनी टीम को शहर भेजती हैं और सारी तहकीकात करती हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहर में कई लोग इन कंपनियों का सहारा लेने लग गए हैं।
अगली स्लाइड में पढेंः- कुछ ऐसे होते हैं क्लाइंटस के सवाल...
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शहर में इस तरह की जासूसी कर रहीं कंपनियों के लोगों का कहना है कि कुछ सवाल ऐसे होते हैं जो हर क्लाइंट के होते हैं। जैसे पारिवारिक बैकग्राउंड, प्रोफेशन, सैलरी, रहन-सहन आदि। इसके अलावा लड़के या लड़की का कोई अफेयर तो नहीं है या कोई पारिवारिक विवाद तो नहीं, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, दोस्तों की जानकारी आदि।
अगली स्लाइड में पढेंः- जासूसी कंपनी के मालिक नें शेयर किया यह केस...
जासूसी कंपनी चला रहे अमित ने बताया कि आज के दौर में डेटिंग एप या शादियों के एप से शादियां हो रही हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक डर होता है कि सामने वाले का चरित्र कैसा है, परिवार कैसा है आदि। इस डर को दूर करने के लिए लोग प्री मैट्रीमोनियल इनवेस्टीगेशन करवाने लग गए हैं। एक केस को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले एक लड़की एक इंजीनियर लड़के से डेटिंग एप पर मिली। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। लड़की ने रिश्ते के लिए घर में बातचीत भी शुरू कर दी, लेकिन लड़की के घरवालों को लड़का कुछ समझ नहीं आ रहा था। उन्होंने हमारी कंपनी से संपर्क किया और लड़के के बारे में जानकारी जुटाने को कहा। तहकीकात में पता चला कि लड़का पुणे में पहले से शादीशुदा है और उसकी एक पांच साल की लड़की भी है।