फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 27 को, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा बुरा प्रभाव

Fri, 06 Jul 2018 09:13 AM IST
राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

- तीन घंटे 55 मिनट का है ग्रहण, छह महीने तक रहेगा असर
- 13 जुलाई को सूर्यग्रहण भी, भारत में नहीं दिखेगा
विज्ञापन
1 of 6
डेमाे पिक
जुलाई में दो ग्रहण पड़ेंगे। पहला 13 जुलाई को सूर्य ग्रहण और दूसरा 27 जुलाई को सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण पड़ेगा। यह तीन घंटे 55 मिनट का होगा। सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, जबकि चंद्रग्रहण का असर भारत में छह माह तक रहेगा।

अगली स्लाइड में पढ़ें- धार्मिक विद्वेष, रक्तपात और प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं हो सकती...
विज्ञापन

2 of 6
डेमाे पिक
ज्योतिषी और वास्तुविद के मुताबिक देश में राजनीतिक उथलपुथल, धार्मिक विद्वेष, रक्तपात और प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं हो सकती हैं। पहला सबसे बड़ा चंद्रग्रहण 1901 में तीन मई को पड़ा था। हालांकि यह भारत में नहीं दिखा था।
 
अगली स्लाइड में पढ़ें- शनि होंगे स्वामी...

 
विज्ञापन

3 of 6
डेमाे पिक
जाने माने ज्योतिषी और वास्तुविद रमेश चिंतक और आचार्य विधुशेखर पांडेय ने बताया कि वाराहमिहिर के अनुसार मकर भारत की लग्न है। ऐसे में पूर्ण चंद्रग्रहण भारत की लग्न पर पड़ेगा। नैसर्गिक राशि मंडल में मकर दशम भाव होगा और उसका स्वामी शनि होगा। ऐसे में पूर्ण चंद्रग्रहण से देश में काफी उथलपुथल होगी।
 
अगली स्लाइड में पढ़ें- अशुभ संकेत माना जाता... 

 

4 of 6
डेमाे पिक
धर्मसिंधु के अनुसार एक मास के भीतर ही दो ग्रहण पड़ जाएं तो यह बहुत ही अशुभ संकेत माना जाता है। सूर्य ग्रहण 13 जुलाई को मिथुन एवं कर्क राशि तथा पुनर्वसु नक्षत्र में पड़ेगा, परंतु यह भारत में नहीं दिखाई देगा। विश्व के दूसरे हिस्सों में दिखाई देगा। वहीं 27 जुलाई को सबसे लंबा चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं मकर राशि में पड़ रहा है। इसका दुष्प्रभाव विशेष रूप से मेष एवं कर्क राशि वालों पर पड़ेगा।
 
अगली स्लाइड में पढ़ें- चंद्रग्रहण का समय...
 
विज्ञापन

चंद्रग्रहण का समय 

5 of 6
डेमाे पिक
भारतीय समय के अनुसार रात 11:54 से चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा और मध्य रात्रि के उपरांत 3:49 बजे तक रहेगा। इस तरह यह लगभग 3 घंटा 55 मिनट तक रहेगा। इसका सूतक काल दोपहर 12:31 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद भोर में अपने समयानुसार मंदिर के पट खुलेंगे। 27 जुलाई को सुबह की आरती होगी जबकि शयन आरती नहीं होगी।
 
अगली स्लाइड में पढ़ें-  ग्रहण में यह करें
 
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रहण में यह करें

6 of 6
डेमाे पिक
- चांदी के पात्र में जल रखकर उसमें सफेद और काले तिल डालें। ग्रहणकाल में ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: का पाठ करते रहें। ग्रहण के बाद इस जल का छिड़काव पूरे घर में कर दें तथा शेष बचा जल घर के मुख्य द्वार पर डाल दें।
- ग्रहण के समय काले और सफेद तिल, चावल, गुड़, चना, सफेद वस्त्र एवं गेरुआ वस्त्र एकत्र कर घर के सबसे वृद्ध पुरुष या महिला अपने हाथ से ग्रहण काल के बाद मंदिर में दान करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें