लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के एक साल पूरा होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि एक्सप्रेस-वे को अभी तक भारी वाहनों के लिए खोला नहीं जा सका। कहीं सेफ्टी ग्रिल न होने से मवेशी खतरा बने हैं तो कहीं डिवाइडर न होने से वाहनों के एक-दूसरे से टकराने का खतरा है। सुरक्षा के मानक पूरे न होने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इन दिनों कोहरे के कारण वाहन एक्सप्रेस-वे पर रेंगकर चल रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में एक्सप्रेस-वे पर सफर बड़े जोखिम से कम नहीं होगा। एक्सप्रेस -वे पर सुरक्षा मानक पूरे न होने और अधूरे निर्माण की वजह से हादसे बढ़ सकते हैं।
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एक्सप्रेस वे पर घने कोहरे ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
यह हैं हादसे के प्वाइंट
- लखनऊ से आगरा की तरफ जाने पर हसनगंज के मटरिया गांव के पास टोल टैक्स निर्माणाधीन है। इस कारण यहां दोनों तरफ 500 मीटर का डायवर्जन है।
- औरास के पास सई नदी का पुल अधूरा है । इससे यहां डायवर्जन कर करीब 500 मीटर एक ही लेन से वाहनों को गुजारा जा रहा है।
- शाहपुर तोंदा के आगे डिवाइडर का निर्माण पूरा नहीं है। सेफ्टी ग्रिल न होने से मवेशी सड़क पर आ जाते हैं।
- हसनगंज के पास सेफ्टी ग्रिल टूटने से मवेशी एक्सप्रेस-वे पर पहुंच जाते हैं।
- बांगरमऊ में श्रीधरपुर के पास डिवाइडर नहीं बना है। कोहरे के दौरान वाहन गलत दिशा में चले जाने का खतरा रहता है।
- खंभौली में तीन किमी हवाई पट्टी होने से डिवाइडर नहीं हैं। जानवरों को रोकने के लिए लगाई गई कंटीले तारों की बाड़ कई जगह टूट चुकी है।
- बांगरमऊ से औरास के बीच कई स्थानों पर रोड लाइट और मार्ग संकेतकों का अभाव है।
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एक्सप्रेस वे पर घने कोहरे ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
काम जल्द पूरा कराने के निर्देश
यूपीडा के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के मानक पूरे हैं। जहां भी कमी है, जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एक्सप्रेस वे पर घने कोहरे ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
सुरक्षा प्रबंध पूरे किए जा रहे
निर्माण एजेंसी अपकान के मैनेजर वेंकट सुब्बइया ने बताया कि सुरक्षा प्रबंध पूरे किए जा रहे हैं। टोल बैरियर बनने के बाद भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।