बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के नानामऊ गंगा तट पर 31 अगस्त की सुबह स्नान के दौरान डूबे इंदिरानगर लखनऊ निवासी स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक डाॅ. आदित्यवर्धन सिंह का चौथे दिन भी पता नहीं चला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने ड्रोन कैमरों की मदद से गंगा बैराज तक करीब 45 किलोमीटर रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान नदी के साथ बहाव, झाड़ियों और रेतीले इलाकों को खंगाला गया।
पिछले चार दिनों से नानामऊ गंगा तट से अकबरपुर सेंग, आसानी निवादा, राधन, खेरेश्वर, बंदीमाता सहित बिठूर, गंगा बैराज तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें चार स्टीमरों की मदद से डॉ. आदित्यवर्धन की खोजबीन कर रही हैं। मंगलवार को भी 80 से अधिक प्रशिक्षित जवानों ने ड्रोन कैमरों की मदद से खोजबीन की। एनडीआरएफ टीम के सिपाही अनिल सिंह बताया कि एक स्टीमर में 6-6 जवानों का दल कर रहा है।