कानपुर शहर में कीड़े और उनकी प्रजाति का पता करने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जेडएसआई) के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। कोलकाता से आ रहे जेडएसआई के वैज्ञानिक यहां पांच दिनों तक सीएसजेएमयू कैंपस में रहेंगे और रोज सुबह और शाम शहर के अलग-अलग हिस्सों में भ्रमण कर कीड़ों का सैंपल एकत्र करेंगे।
फिर इसकी जांच कर डीएनए बारकोडिंग तैयार की जाएगी। जेडएसआई की रिपोर्ट के आधार पर यह तय हो सकेगा कि शहर में कितनी प्रजाति के कीड़े हैं और वे किस-किस तरह डीएनए में परिवर्तन के साथ अपना स्वरूप बदल रहे हैं।