आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस विभाग में दलित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले में नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट (एनसीएससी) ने अभी तक कार्रवाई न करने पर निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल को कड़ी फटकार लगाई।
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डेमाे पिक
मंगलवार को निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल और विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके घोष आयोग के सामने पेश हुए। दोनों ने इस मामले में अभी तक हुई पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में दोषियों के नाम सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आयोग ने दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर किसके दबाव में कार्रवाई को टाला जा रहा है?
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जांच रिपोर्ट के आधार पर क्यों नहीं कोई फैसला लिया गया? आयोग ने मामले में विभागीय कार्रवाई के अलावा कानूनी कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि इतने गंभीर मामले में एफआईआर क्यों नहीं करवाई गई? आखिर इस मामले में कार्रवाई को लेकर इतना समय क्यों लिया जा रहा है?
अब हम आपको ऑर्डर देंगे, आप उसे फॉलो करिए
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आयोग ने साफ कहा कि आपकी मंशा इस मामले में ठीक नहीं लगती है। इसलिए अब आयोग की तरफ से आपको ऑर्डर दिया जाएगा और आप उसे फॉलो करेंगे। निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि आयोग के निर्देश का पालन किया जाएगा।
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सीनेट चेयरमैन बनाएंगे कमेटी
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आईआईटी सीनेट के चेयरमैन आरसी भार्गव भी जल्द ही इस मामले में एक न्यायिक जांच कमेटी का गठन करेंगे। इस कमेटी में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज शामिल होंगे। चेयरमैन ने पहले इस मामले में सुलह की कोशिश की थी जो नाकामयाब रही।
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यह है मामला
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इस साल जनवरी माह में एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष के पूर्व छात्र डॉ. सडरेला को विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मिली थी। इस पर आईआईटी धनबाद के हाल ही में निदेशक बनाए गए प्रो. राजीव शेखर के अलावा प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. ईशान शर्मा, प्रो. संजय मित्तल सहित दस से ज्यादा प्रोफेसरों ने नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए निदेशक से नियुक्ति की निंदा की थी।
इसके कुछ दिनों बाद ही प्रो. सडरेला ने इन प्रोफेसरों पर जातिगत टिप्पणी करने और उत्पीड़न का आरोप लगा दिया था। मामले की जांच के लिए निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. ईशान शर्मा, प्रो. संजय मित्तल को दोषी पाया।