न्याय के अधिपति देवता शनिदेव का जन्मोत्सव शनि जयंती 15 मई यानी मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन ही सावित्री वट पूजा व्रत और भौमवती अमावस्या का संयोग भी है। 15 मई को सुबह 10:57 बजे से सर्वार्थसिद्धि योग लग रहा है, जो दिनभर रहेगा।
विज्ञापन
2 of 6
डेमाे पिक
विद्वानों की माने तो शनि की महादशा, साढ़े साती और ढैय्या की शांति के लिए अति उत्तम मुहूर्त है। इस दौरान शनिदेव का पूजन और दान करने से ग्रह की पीड़ा शांत हो जाएगी।
विज्ञापन
3 of 6
डेमाे पिक
आचार्य विधुशेखर पांडेय और आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि इस बार शनि जयंती ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पड़ रही है। मंगलवार को भरणी नक्षत्रा, शोभन योग, चतुष्पदकरण तथा मेष राशि मेंचंद्रमा की उपस्थिति शुभ संयोग बना रहे हैं। ऐसे में शनि की साढ़े साती, ढैया, महादशा से पीड़ित जातक सर्वार्थसिद्धि योग में शनिदेव को पूजन और दान से प्रसन्न कर सकते हैं। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक दिन हैं इसलिए अमावस्या का महत्व अत्यंत खास है।
4 of 6
डेमाे पिक
ऐसे करिए शनि महाराज को प्रसन्न
शनि के वैदिक तथा बीज मंत्र ऊं खां खीं खूं स: मंदाय स्वाहा बोलकर एक या 21 माला करें। इसके अलावा मंदिर में शनिदेव का तेल से अभिषेक करें। इससे शुभ फल मिलेगा।
विज्ञापन
5 of 6
डेमाे पिक
इन वस्तुओं का दान भी अत्यंत शुभ
काली उड़द, काला तिल, स्टील लोहे के बर्तन, श्रीफल, काले वस्त्र, लकड़ी की वस्तुएं, औषधि आदि का दान इस दिन अत्यंत शुभ रहेगा। भिक्षुओं को भोजन कराना और गरीबों की दवा का खर्च उठाना भी लाभकारी रहेगा।
हनुमान जी दूर करेंगे दरिद्रता
जो जातक आर्थिक तंगी से जूझ रहे वे मंगलवार को हनुमानजी के दर्शन करें। साथ ही बेसन के लड्डू या हलवे का भोग लगाएं। इससे आर्थिक तंगी खत्म हो जाएगी।