कानपुर में संजीत यादव अपहरण और हत्याकांड में परिजनों को पुलिस के खुलासे और जांच पर भरोसा नहीं है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने खुद को बचाने के लिए फर्जी खुलासा किया है। शनिवार को पूछताछ के लिए घर पहुंचे एडीजी पीएचक्यू बीपी जोगदंड से संजीत के पिता चमन सिंह और बहन रुचि ने भी सीबीआई जांच की मांग की है।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
पिता चमन सिंह यादव का आरोप है कि 13 जुलाई को फिरौती की रकम जाने के बाद जब पुलिस पर अधिकारियों और मीडिया का दबाव बना तो फर्जी खुलासा कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटे के पास बैग, पर्स, बाइक, कपड़े और मोबाइल था। पुलिस ने इनमें से एक भी वस्तु उन्हें नहीं दिखाई है। कहा कि जब तक बेटे का शव नहीं देख लेते तब तक खुलासे पर भरोसा नहीं।
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किन्नर समाज ने कहा, सरकार नहीं संभल रही तो हमें दे दें कुर्सी
किन्नर समाज भी दुखी परिवार को सांत्वना देने पहुंचा। किन्नरों ने संजीत की मां को 20 हजार की आर्थिक मदद दी। किन्नर सोनम यादव ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय न मिला तो 5000 किन्नर विधानसभा का घेराव करेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
कहा अगर बीजेपी से यूपी सरकार न संभल रही हो तो अपनी कुर्सी उन्हें दे दें, वो सरकार चलाकर दिखा देंगे। यूपी में बढ़े अपराधों के कारण कि न्नर समाज भी अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
गोंडा जैसी कार्रवाई होती तो आंखों के सामने होता बेटा
पिता ने कहा कि शुक्रवार को गोंडा से व्यवसायी के बेटे के अपहरण में एसटीएफ ने शनिवार को उसे खोज निकाला और अपहर्ताओं को भी धर दबोचा। अगर इसी तरह उनके बेटे को खोजने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तेजी दिखाई होती, तो उनका बेटा भी उनकी आंखों के सामने होता।