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संजीत अपहरण हत्याकांड: सीबीआई ने कानपुर में जमाया डेरा, छानबीन तेज की

Wed, 23 Nov 2022 12:17 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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संजीत अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
कानपुर में 2020 में हुए संजीत अपहरण-हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की चार सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह एक बार फिर बर्रा थाने पहुंची। थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह से हत्यारोपियों के बारे में कई जानकारियां जुटाई। इसके साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस के बयानों का मिलान किया।

खुलासा करने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मियों का ब्योरा जुटाया। देर शाम गोविंदनगर स्थित गेस्ट हाउस में रुक गई। सूत्रों के अनुसार सीबीआई कुछ दिन और शहर में रुककर आगे की जांच पूरी करेगी। अक्तूबर 2021 को लखनऊ की सीबीआई टीम ने अलग से मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद से सीबीआई तीन बार शहर आ चुकी है।
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संजीत अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
टीम संजीत के परिजनों, केस के जांच अधिकारी, हत्यारोपियों के बयान दर्ज कर चुकी है। जिस फोन पर कॉल करके संजीत के पिता से 30 लाख की फिरौती मांगी गई थी, उसे भी कब्जे में ले चुकी है। अब आगे की तफ्तीश करेगी।
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संजीत अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
यह था मामला
22 जून 2020 की रात बर्रा-5 निवासी लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण हो गया था। चार दिन बाद अपहृर्ता ने पिता चमनलाल को फोन कॉल करके 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। संजीत को छुड़ाने के लिए घरवालों ने 30 लाख रुपये पुलिस को दिए थे। 29 जून को तत्कालीन एसपी साउथ अर्पणा गुप्ता, सीओ गोविंदनगर मनोज कुमार गुप्ता व बर्रा पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था, लेकिन बदमाश गुजैनी पुल के पास पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गए थे। साथ ही रुपयों से भरा बैग भी ले गए थे।

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संजीत अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
पुलिस ने 23 जुलाई को अंबेडकरनगर निवासी गिरोह के सरगना रामजी शुक्ल, दबौली वेस्ट निवासी ईशू उर्फ ज्ञानेंद्र, सरायमीता कच्ची बस्ती पनकी निवासी संजीत के दोस्त कुलदीप गोस्वामी, गज्जापुरवा निवासी नीलू सिंह, गुमटी नंबर पांच निवासी प्रीति शर्मा, सिम्मी सिंह उर्फ जयकरन फत्तेपुर रोशनाई अकबरपुर कानपुर देहात निवासी राजेश उर्फ चीता उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि संजीत का अपहरण करके रतनलालनगर के एक मकान में रखे जाने और फिर हत्या करके शव पांडु नदी में फेंका गया था। संजीत का शव आज तक नहीं मिला है। कुछ माह बाद ही सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी।
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संजीत अपहरण हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
इस सवालों के जवाब तलाशेगी सीबीआई
- संजीत की अपहरण के बाद हत्या की गई तो शव कहां गया।
- अगर पुलिस ने खुद 30 लाख रुपये की फिरौती दी थी तो रुपये क्यों नहीं बरामद हुए।
- पुलिस संजीत के कपड़े, बैग, मोबाइल समेत अन्य समान क्यों नहीं बरामद कर सकी।
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