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संजीत अपहरण हत्याकांड: सीबीआई हुई सक्रिय, एफआईआर जुटाई, केस डायरी कब्जे में ली

Thu, 07 Oct 2021 02:20 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव अपहरण हत्याकांड में सीबीआई सक्रिय हो गई है। सीबीआई के एक इंस्पेक्टर ने बुधवार को बर्रा पुलिस से संपर्क किया। हत्याकांड की एफआईआर और केस डायरी पुलिस से ली। अब तक की पूरी कार्रवाई समझी। संबंधित दस्तावेजों के आधार पर सीबीआई की टीम केस की समीक्षा करेगी। उसके बाद तय करेगी कि केस को टेकओवर करना है या नहीं। अगर केस टेकओवर करेगी तो सीबीआई एफआईआर दर्ज कर नए सिरे से मामले की जांच करेगी। बर्रा निवासी 28 वर्षीय संजीत यादव का 26 जून 2020 को अपहरण हो गया था। बदमाशों ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 30 लाख रुपये की फिरौती पुलिस को दी थी। जो रकम बदमाश लेकर फरार हो गए थे लेकिन संजीत का कुछ पता नहीं चला था। पुलिस ने 24 जुलाई 2020 को वारदात का खुलासा कर संजीत के दोस्त कुलदीप और राम बाबू व उनके साथियों की गिरफ्तारी कर दावा किया था इन्हीं आरोपियों ने संजीत का अपहरण कर हत्या की थी।
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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
शव पांडु नदी में फेंक दिया था। पुलिस संजीत का शव बरामद नहीं कर सकी थी। जिसके बाद हंगामा बवाल हुआ था। परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। शासन ने संस्तुति कर दी थी।

 
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Kanpur Kidnapping Case - फोटो : अमर उजाला
तब से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। पुलिस मामले में चार्जशीट लगाने के साथ आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगा चुकी है। बुधवार को लखनऊ सीबीआई यूनिट के एक इंस्पेक्टर ने बर्रा पुलिस से संपर्क किया।

 

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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
केस के बारे में पूरी जानकारी ली। एफआईआर, केस डायरी समेत अन्य दस्तावेज जुटाए। सीबीआई इंस्पेक्टर मामले की एक रिपोर्ट तैयार कर आलाधिकारियों को सौंपेंगे। अब अफसर तय करेंगे कि केस को लेना या नहीं। 

 
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kanpur kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मी भी आएंगे जांच की जद में 
वारदात में पुलिस पर आरोप लगा था कि जब बदमाशों को पकड़ने का जाल बिछाया था तब तीस लाख की फिरौती लेकर बदमाश फरार हो गए थे। पुलिस खाली हाथ रह गई थी। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना था कि बैग में पैसे ही नहीं थे। मामले में तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी का तबादला हुआ था। एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ गाविंदनगर मनोज गुप्ता, तत्कालीन बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय समेत अन्य चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे। अगर सीबीआई केस दर्ज कर जांच शुरू करती है तो ये पुलिसकर्मी भी जांच की जद में आएंगे।
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