कानपुर में कोचिंग संचालक हत्याकांड में पत्नी नमरा की हत्या कर खुदकुशी करने वाले कोचिंग संचालक शहवान ने एक डायरी में कुछ ऐसे हालातों का जिक्र किया है, जिनसे आजिज आकर यह कदम उठाया। फ्लैट से मिली डायरी में आईआईटी रुड़की से बीटेक करने वाले शहवान ने लिखा है कि ‘सितंबर 2016 में नमरा मेरी जिंदगी में आई।
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नमरा और शहवान हत्याकांड (फाइल फोटो)
मैंने अपनी बीवी और बच्चों के बारे में उसे बताया। दूर रहने को कहा, इसके बाद भी नहीं मानी। उसके कहने पर मैंने पहली पत्नी समराना को तलाक दे दिया। पहले 21 जुलाई 2018 को उससे शादी की, इसके बाद घरवालों को जानकारी देकर 27 सितंबर 2018 को निकाह किया।
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नमरा और शहवान हत्याकांड (फाइल फोटो)
शादी के बाद मेरा बेटा मेरे साथ रहता था। ये उसे पीटती थी, मजबूरन मुझे बेटे को अपने से दूर करना पड़ा। रोज के झगड़े बर्दाश्त नहीं होते, अब जीना नहीं चाहता। पुलिस ने डायरी को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। डायरी में आगे लिखा है कि मेरे मरने के बाद मेरी संपत्ति पहली पत्नी और बच्चों को दे दी जाए।
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नमरा और शहवान हत्याकांड (फाइल फोटो)
परिजनों ने डायरी देखने के बाद हैंड राइटिंग मोहम्मद सहवान की ही होने की पुष्टि की। फिर भी पुलिस ने डायरी को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजी है। पुलिस के मुताबिक शहवान ने गैस चूल्हे पर कोई कागज भी जलाया है। जलने की वजह से पता नहीं चल सका कि उसमें क्या लिखा था।
डायरी में यह भी लिखा है कि पत्नी नमरा कई लड़कों से बातचीत करती थी। डायरी में लिखा है कि वह दिनभर खुद सोती है। जब वे सोते हैं तो उसे नोचती है। गंदी-गंदी गालियां देती है। ऐसे में मन करता है, खुद मर जाओ या कहीं भाग जाओ। इस बात को पढ़कर पुलिस का कहना है कि शायद ये वाक्य वारदात के पहले के हैं।