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Sabarmati Express: SIT और FSL जांच में नया मोड़...पटरी के टुकड़े में लगा मिला ये; नहीं हुआ क्लैम्प का इस्तेमाल

Wed, 21 Aug 2024 07:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Sabarmati Express Derail - फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे डीरेल होने की घटना की जांच के लिए लखनऊ से फोरेंसिक टीम मंगलवार को कानपुर आई। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने मौके पर मौजूद बोल्डर को देखा। उसे क्लैम्प के जरिए पटरी पर बंधवाने का प्रयास किया गया। टीम ने करीब तीन घंटे तक 400 मीटर रेलवे ट्रैक की एक एक बिंदु पर जांच की। इधर पुलिस के मुताबिक अब फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
फोरेंसिक टीम के साथ डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह व उनकी टीम मौजूद रही। टीम दोपहर एक बजे कानपुर पहुंची और उसके बाद घटनास्थल पनकी पहुंच गई। वहां पर बोल्डर पहले से मौजूद था और उसी क्लैम्प को मंगवाया गया जो मौके से मिला था। 

 
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Sabarmati Express Derail - फोटो : amar ujala
रेलवे कर्मियों को भी बुलाया गया था। उन्हीं से क्लैम्प के जरिए बोल्डर को पटरी पर बंधवाने का प्रयास किया गया। 45 मिनट से ज्यादा का वक्त गुजरा मगर बोल्डर उसी क्लैम्प के सहारे पटरी पर नहीं बांधा जा सका।
 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
जमीन में धंसे मिले बोल्डर
इस दौरान टीम ने घटना स्थल से 100 मीटर पहले (ओवर ब्रिज के नीचे) जाकर देखा तो कुछ और बोल्डर्स जमीन में धंसे मिले। उनपर पेंट से कुछ लिखा हुआ भी था। डीसीपी के मुताबिक कई दिनों से रेलवे ट्रैक पर काम हो रहा था, रेलवे कर्मियों की लापरवाही की वजह से वहां बहुत से रेल ट्रैक पार्ट्स भी मिले है। 
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रेल हादसे की जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
अब तक 9 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर ली गई है। जिनमें कुछ ऐसा नहीं मिला है, जिससे साजिश की पुष्टि हो रही हो। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक इससे एक सम्भावना यह भी बनी कि जो बोल्डर मौके से मिला है। उसे भी जमीन से निकाला गया हो। इस बिन्दु पर भी जांच कराई जा रही है।
 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
इंजन की जांच वाले स्थान पर भी जाएगी एफएसएल
साबरमती के लोको यानी इंजन को इलेक्टि्रक लोको शेड में टेक्निकल मुआयने के लिए भेजा गया है। इंजन के कैटल कैचर पर कुछ इंप्रेशन (टक्कर के निशान) मिले थे। ये निशान कितने हार्ड ऑब्जेक्ट से लगे हैं, इसकी जांच के लिए एफएसएल की टीम भी लोको शेड जाएगी। 

 
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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
इंजन के ब्लैक बॉक्स की जांच में सामने आया कि साबरमती एक्सप्रेस हादसे के समय 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थी। ड्राइवर ने टीम को बताया कि 30 मीटर दूर से उसे भारी ऑब्जेक्ट दिखाई दिया था। पलक झपकते ही 30 मीटर की दूरी पूरी हो जाती है, लिहाजा ट्रेन को रोकना नामुमकिन था, इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की स्पीड धीमी करने की कोशिश की गई।

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
चालक नहीं बता सका क्या देखा
डीसीपी ने बताया कि उन्होंने ट्रेन चालक (लोको पायलट) से खुद पूछताछ की थी। उसने यह कहा कि उसे कुछ बड़ी वस्तु दिखाई पड़ी थी। मगर वह क्या थी यह नहीं बता पाया। चालक को सफीना जारी किया गया है। उसके बयान के दौरान उससे इस बिन्दु पर पूछताछ की जाएगी।

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने ट्रैक, बोल्डर और इंजन की जांच की है। वह अपने साथ कुछ सैम्पल ले गए हैं। अब वह इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर देंगे। सीसी टीवी कैमरे में अब तक कुछ मिला नहीं है। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।-राजेश कुमार सिंह डीसीपी पश्चिम

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस हादसे की तह तक जाने के लिए एसएजी ने की जांच
कानपुर के गोविंदपुरी और भीमसेन स्टेशन के बीच शुक्रवार देर रात झांसी की ओर जा रही साबरमती एक्सप्रेस के डिरेल होने के मामले में रेलवे की सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) की कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को टीम ने घटनास्थल और ट्रैक का निरीक्षण किया। 

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
जूही लोकोशेड में खड़े ट्रेन के इंजन और रैक की भी जांच की। ट्रेन के स्टाफ से पूछताछ की। बुधवार को टीम के अधिकारी लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड, टीटीई, आरपीएफ, जीआरपी समेत अन्य रेलवे स्टाफ के बयान लेंगे।

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
एसएजी की जांच समिति में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर चेयरमैन हैं, जबकि चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर, चीफ ट्रैक इंजीनियर, चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ के डीआईजी शामिल हैं। समिति के पदाधिकारी सुबह 10 बजे से पहले सेंट्रल स्टेशन आ गए। यहां से पनकी क्षेत्र में घटनास्थल पर गए। यहां प्रभावित हुए ट्रैक को उच्चीकृत करने का काम चल रहा है। 

 

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sabarmati express derail - फोटो : अमर उजाला
एसएजी के अफसरों ने सबसे पहले पूरे ट्रैक का जायजा लिया। ट्रेन कहां से पटरी से उतरी और इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद कितनी दूरी तक गई। बोल्डर का ट्रैक के संपर्क का आकलन किया। उस पर पड़ने वाले भार की रिपोर्ट ली। अधिकारियों ने ट्रैक, बोल्डर और प्रभावित पटरियों की नाप कराई। 

 

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sabarmati express accident - फोटो : अमर उजाला
आसपास के क्षेत्र का भी जायजा लिया। रेलवे के सिविल, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग और ट्रैक के विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया। दोपहर बाद जांच टीम जूही लोकोशेड गई। यहां साबरमती एक्सप्रेस का इंजन और एसी कोच रखे हुए हैं। उनका निरीक्षण भी किया। 

 
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Sabarmati Express derailed - फोटो : अमर उजाला
इंजन के उपकरण और कार्ड सिस्टम का जायजा लिया। समिति तीन दिन तक जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेगी। इसके अलावा साजिश की आशंका में पुलिस, एटीएस, आईबी समेत कई जांच एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। पनकी औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के बाहर लगे कैमरों के फुटेज तलाशे जा रहे हैं। उसमें संदिग्धों को देखा जा रहा है।
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