साबरमती एक्सप्रेस के 22 में से 12 कोच झांसी मंडल भेज दिए गए हैं, बचे 10 की जांच कराई जाएगी। इन बोगियों का जल्द ही कोचिंग एंड वैगन विभाग के अधिकारी निरीक्षण कर सकते हैं। शनिवार रात को झांसी अप लाइन को सही कराने की वजह से बचे कोच विशेष क्रेन की मदद से ट्रैक के किनारे रखवा दिए गए हैं।
साबरमती एक्सप्रेस की सभी 22 बोगियां पटरी से नीचे उतर गईं थीं। यह लिंक हॉफमैन बुश (एलबीएच) कोच हैं। हादसे के बाद ये कोच एक-दूसरे पर चढ़ते नहीं। इससे जनहानि कम होती है। रेलवे अधिकारियों ने एसी कोच की जांच कराई, जिसमें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं मिली। इसके बाद 12 कोच झांसी मंडल भेजे गए। 10 बोगियां स्लीपर और अनारक्षित हैं। इनकी जांच कोचिंग एंड वैगन विभाग के अधिकारी करेंगे। सेफ्टी ऑडिट भी होगा। जांच के बाद तय होगा कि ये उपयोग में लाए जा सकते हैं या नहीं।
विज्ञापन
2 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
बोगियों की सुरक्षा में आरपीएफ की ड्यूटी लगाई
साबरमती के दस कोच में से कुछ एक-दूसरे पर टिककर तिरछे हो गए हैं। इनकी सुरक्षा के लिए आरपीएफ स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि नजदीक में ही ट्रैकमैन और अन्य कर्मचारियों के भोजन व आराम के लिए टेंट लगाया गया है। ट्रैक को बनाने और अपग्रेड करने में आगरा, प्रयागराज और झांसी मंडली के लगभग 250 कर्मचारी लगे हुए हैं।
विज्ञापन
3 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर-झांसी रूट की अप लाइन 29 घंटे बाद चालू
साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के करीब 29 घंटे बाद कानपुर-झांसी रूट की अप लाइन चालू हो गई। हालांकि ट्रैक के उच्चीकरण होने तक दो से तीन किलोमीटर तक कॉशन जारी रहेगा। रविवार सुबह 7:41 बजे पहली मालगाड़ी गोविंदपुरी से होते हुए गई। इसके बाद थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में चार अन्य ट्रेनों को कॉशन लेकर गुजारा गया। हादसे के बाद एनसीआर जीएम उपेंद्र चंद्र जोशी के निर्देशन में शनिवार सुबह से लेकर लगभग 24 घंटे तक ट्रैक को नए सिरे से व्यवस्थित करने का काम चला।
4 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से करीब 500 मीटर का रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। काफी दूर तक ट्रैक पर बिछे कंक्रीट के स्लीपर टूट गए थे। शनिवार सुबह जूही यार्ड, प्रयागराज और झांसी मंडल से एआरटी मंगवाकर अपलाइन पर कार्य शुरू कराया गया, जबकि झांसी की ओर से कानपुर के लिए जाने वाली डाउन लाइन पर कॉशन लेकर पुष्पक, गरीबरथ, बरौनी, गोरखपुर एक्सप्रेस को पास कराया।
विज्ञापन
5 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे की ओर से सड़क मार्ग से चलनी वाली दो एआरटी तेजस भी मंगवाई गईं। इसकी मदद से कार्य में और तेजी आ सकी। रविवार सुबह सवा सात बजे तक काम पूरा हो गया। प्रयागराज मंडल के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि सबसे पहले मालगाड़ी गुजारी गई। यहां कॉशन लिया गया है। ट्रेन 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी।
विज्ञापन
6 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
ब्लॉक लेकर कराया गया काम
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अप लाइन की टेस्टिंग के बाद उसके उच्चीकरण का कार्य भी शुरू हो गया है। सुबह 9:40 से दोपहर 1:40 बजे तक ब्लॉक लेकर काम कराया गया। यहां प्रयारागज, झांसी के साथ ही आगरा मंडल के रेलवे अधिकारी और स्टाफ को लगाया गया है।
विज्ञापन
7 of 8
sabarmati express derail
- फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस हादसे की जांच के लिए एसआईटी गठित
साबरमती एक्सप्रेस हादसे की जांच के लिए डीसीपी पश्चिम ने एसआईटी गठित कर दी है। इंस्पेक्टर पनकी मानवेंद्र सिंह ने नेतृत्व में बनी एसआईटी टीम में अतिरिक्त निरीक्षक सुनील कुमार त्रिपाठी, डीसीपी पश्चिम कार्यालय में तैनात राकेश कुमार सिंह, एसआई पुष्पराज सिंह, मुजम्मिल हुसैन, प्रियंका यादव, कांस्टेबल सुधीर चौधरी, गौरव सिंह, कुलदीप यादव और महिला कांस्टेबल रीनू शामिल हैं।
घटना के नाट्य रूपांतरण के लिए फोरेंसिक टीम को भेजा जाएगा पत्र
डीसीपी ने बताया कि घटना के नाट्य रूपांतरण के लिए सोमवार को लखनऊ की फाेरेंसिक लैब को सोमवार को पत्र भेजा जाएगा। लखनऊ की फोरेंसिक टीम घटना की नाट्य रूपांतरण के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जिसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
मेडिकल कराने से चालक का इन्कार
पुलिस सूत्रों के अनुसार एफआईआर लिखे जाने के बाद पुलिस की टीम ने जब लोको पायलट एपी बुंदेला से मेडिकल के लिए कहा गया, तो इन्कार कर दिया। इसके बाद खुद को केबिन में बंद कर लिया। सोमवार को लोको पायलट का मेडिकल कराया जाएगा।
एटीएस की टीम ने घटना स्थल से जुटाए साक्ष्य
पुलिस सूत्रों के रविवार को एटीएस की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही लोगों से पूछताछ करने के बाद स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज हासिल की। अन्य अधिकारियों से भी बातचीत कर इसकी जानकारी मुख्यालय भेज दी है।