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UP की सभी आईटीआई में चल रहा है बड़ा गड़बड़झाला, PMO तक पहुंचा मामला

Wed, 05 Jul 2017 03:42 PM IST
राम जी द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
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उत्तर प्रदेश की सभी आईटीआई के भीतर बड़ा गड़बड़झाला चल रहा था। जब इस पर से पर्दा उठा तो मामला सीधे पीएमओ तक जा पहुंचा...
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दरअसल, यूपी के सभी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) में हुई अनुदेशकों (इंस्ट्रक्टर) की भर्ती पर ग्रहण लग गया है।मामले का पता लगते ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से एक सप्ताह पहले आनन-फानन की गईं भर्तियों का जल्द भंडाफोड़ तय माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार गड़बड़झाला स्थापित होने पर भर्ती प्रक्रिया निरस्त किए जाने की तैयारी है। व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2014 में प्रदेश की 230 आईटीआई में 2498 अनुदेशकों की भर्ती का विज्ञापन निकाला था। भर्ती पर कोर्ट की रोक होने की वजह से दो साल तक मामला लटका रहा। विभाग ने कई बार कोर्ट में मामले का समाधान कराने और भर्ती का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।

 

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तत्कालीन मंत्री, सचिव और निदेशक ने विधानसभा चुनाव से पूर्व आचार संहिता लगने से एक सप्ताह पहले ही भर्तियां करा दीं। इस दौरान बड़े पैमाने पर चहेतों को भी भर्ती किया गया। विभाग के बाबू और अधिकारियों के परिवार के लोगों को अनुदेशक बनाया गया। कानपुर नगर, झांसी, गाजियाबाद, बनारस, मेरठ, अलीगढ़, लखनऊ आदि में बड़े पैमाने पर भर्तियां की गई हैं। इस संबंध में विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने दो महीने पहले जांच के आदेश दिए थे लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। उस समय सचिव भुवनेश्वर कुमार और निदेशक राजेंद्र प्रसाद थे। इस बीच किसी ने पीएमओ शिकायत कर दी।

 

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मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएमओ ने जांच कराने के निर्देश दिए हैं। ज्वॉइनिंग लेटर के साथ ही दिया गया कोर्ट आदेश कोर्ट का हस्तक्षेप होने की वजह से वर्ष 2013 से भर्ती प्रक्रिया लटकी थी। वर्ष 2016 में आचार संहिता से एक सप्ताह पहले ही भर्ती करा दी गई। अभ्यर्थियों को ज्वॉइनिंग लेटर के साथ ही कोर्ट का भी आदेश दिया गया। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि कोर्ट का फैसला ही मान्य होगा।

 
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तीन महीने पहले निकले थे दस फर्जी मामले इस भर्ती में तीन महीने पहले ही दस मामले फर्जी पाए गए थे। जिन लोगों को इलेक्ट्रिकल, मशीनिस्ट ट्रेड में भर्ती कराया गया उन्होंने उस कोर्स में एटीआई सर्टिफिकेट कोर्स (एडवांस ट्रेनिंग) नहीं किया था। शिकायत पर विभाग ने दस लोगों को निकालकर मामला दबा दिया।

जबकि इस तरह से लगभग एक हजार लोगों की भर्ती की गई है। सख्त से सख्त कार्रवाई होगी अनुदेशकों की भर्ती में गड़बड़ी की सूचना मिली है। इसकी जांच चल रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय से आए पत्र की जानकारी करूंगा। अगर कोई पत्र आया है तो उस पर तत्काल अमल कराया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता मिलने पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। चेतन चौहान, व्यवसायिक शिक्षा मंत्री


 
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