उत्तर प्रदेश के औैरैया में पुलिस को चुनौती देते हुए शनिवार रात आधा दर्जन बदमाशों ने सोने के आभूषण बनाने वाले कारखाने को निशाना बनाया। बदमाश यहां से आधा किलो सोने के आभूषण समेत लैपटॉप, सीसीटीवी कैमरे का रिकार्डर और कारीगर का मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना के वक्त कारखाने में एकमात्र बंगाली कारीगर ही मौजूद था।
बदमाशों ने कारीगर को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया। कारखाना मालिक ने थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने वारदात के खुलासे को तीन टीमें लगाईं हैं।
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सोने के आभूषण बनाने वाले कारखाने में लाखों का डाका
- फोटो : अमर उजाला
मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर मोहल्ले की है। मोहल्ले में पेशे से शिक्षक पवित्र दुबे (विक्की) के दो मकान हैं। विक्की कानपुर देहात के रसूलाबाद में तैनात हैं। सेंट्रल बैंक के पीछे वाली गली के अंदर वाले मकान में पवित्र दुबे साईं ज्वैलर्स के नाम से सोने के आभूषण बनाने वाला उनका कारखाना है। यहां दुकानदारों के आर्डर पर बंगाली कारीगर आभूषण बनाने का काम करते हैं।
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सोने के आभूषण बनाने वाले कारखाने में लाखों का डाका
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शनिवार को दोपहर पवित्र दुबे उज्जैन गए हुए थे। कारखाने के ज्यादातर कारीगर बंगाली मुस्लिम होने की वजह से बकरीद की छुट्टी लेकर बंगाल चले गए थे, जबकि एक कारीगर शेख मोदुल पुत्र शेख सुराब निवासी राजापुर थाना उदयनरायनपुर जिला हावड़ा मौजूद था। शनिवार की रात साढ़े आठ बजे तीन बदमाश असलहों और लोहे की रॉड लेकर कारखाने में घुस आए। कारखाने के अंदर घुसे बदमाशों ने शेख मोदुल को बंधक बना लिया, जबकि तीन बदमाश कारखाने के बाहर खड़े हो गए। बदमाशों ने कारखाने के दरवाजों को अंदर से बंद कर लूटपाट की। बदमाशों के जाने के आधे घंटे बाद किसी तरह शेख मोदुल बाहर निकला और पवित्र दुबे के पिता सुरेश चंद्र दुबे को जानकारी दी।
सोने के आभूषण बनाने वाले कारखाने में लाखों का डाका
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सुरेश चंद्र ने सूचना दिबियापुर थाना पुलिस को दी। सूचना पर एसओ जीतेंद्र कुमार, एसओजी प्रभारी संतोष मिश्रा, सीओ सदर श्योदान सिंह पहुंचे। रविवार को उज्जैन से पहुंचे कारखाना मालिक पवित्र दुबे ने थाने में बदमाशों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें आधा किलो सोने के जेवरात, सीसीटीवी-डीवीआर आदि लूटने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने रविवार की सुबह खोजी कुत्ता बुलाया, पर कोई सुराग नहीं मिला। सीओ सिटी श्योदान सिंह ने बताया कि खुलासे के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं। एसओजी और सर्विलांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है।