फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंस मेला उपद्रव: लोगों ने कहा- सब चेहरा बदल लेते हैं, 'इंसान हो या जानवर' पुलिस ने किसी को न बख्शा

Thu, 27 Sep 2018 08:47 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर जिले में मौदहा कस्बे में ऐतिहासिक कंस वध मेले की झांकियों को निकालने को लेकर मंगलवार को हुए उपद्रव के बाद बुधवार को अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर सन्नाटा रहा। कस्बे के शिक्षण संस्थान भी नहीं खुले और अफवाहों का बाजार गरम रहा। इलाहाबाद जोन के एडीजी लॉ एंड आर्डर एसएन साबत ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद कमान संभाली। एडीजी ने डीआईजी, डीएम, एसपी और आरएएफ, पीएसी व पुलिस फोर्स के साथ रूट मार्च कर शांति व्यवस्था बनाए रखने व दुकानदारों से प्रतिष्ठान खोलने को कहा। वहीं पुलिस ने चार लोगों को नामजद कर 300 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

 
विज्ञापन

2 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
कस्बे में ऐतिहासिक कंस वध मेला 23 से 25 सितंबर तक चलना है। इसी के तहत 23 की शाम भगवान कृष्ण का डोला निकाला गया था। 24 को सुबह से ही दर्जनों झांकियां सजाई गईं। दोपहर बाद तीन बजे एक दर्जन झांकियों के साथ शोभायात्रा नेशनल मार्ग से गुड़ाही बाजार पहुंची। शोभायात्रा देवी चौराहा के समीप पहुंची तो रास्ते को लेकर वहां मौजूद एक वर्ग के युवकों से विवाद शुरू हो गया। इसके बाद मंगलवार को बवाल के साथ पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, हवाई फायरिंग कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद बुधवार को कस्बे में सड़कों पर सन्नाटा रहा।
विज्ञापन

3 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
एडीजी इलाहाबाद जोन एसएन साबत के साथ डीएम आरपी पांडेय, एसपी एके सिंह ने भारी पुलिस फोर्स के साथ रूट मार्च किया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने के साथ कामधंधा शुरू करने को कहा। इस बीच कुछ दुकानदारों से कह कर उनके प्रतिष्ठान भी खुलवाए। पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आशीष सिंह, हिंदू युवा वाहिनी के प्रहलाद सिंह, पूर्व प्रधान करगांव नत्थू सिंह व व्यापारी संतोष गुप्ता सहित सात लोगों को नामजद करते हुए करीब 300 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार को पथराव में एएसपी लालसाहब यादव, एसओ खन्ना सहित आधा दर्जन सिपाही चोटिल हुए थे। एएसपी के हाथ में फ्रैक्चर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।



 

4 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने नगर के मराठीपुरा चर्च कंपाउंड व अन्य मोहल्लों में घरों में घुसकर तोड़फोड़, महिलाओं के साथ अभद्रता की। आवारा मवेशियों को भी लाठियों से पीटने का आरोप है। लोगों के अनुसार रात भर पुलिस ने ऐसी कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया और लोगों को हवालात में बंद कर दिया है।

 
विज्ञापन

5 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
नहीं खुले प्रतिष्ठान, स्कूलों में हुई छुट्टी
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को कस्बे के अधिकांश बाजार बंद रहे। अप्रिय घटना से भयभीत दर्जनों स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्र से कस्बा आने वाले वाहनों की संख्या न के बराबर रही। दूधियों के कस्बे में न आने से लोगों को चाय व बच्चों को दूध के लाले पड़ गए। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा रहा। दिनभर पुलिस की गाड़ियों के सायरन गूंजते रहे।

 
विज्ञापन

6 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन चेत जाता तो न होता विवाद 
मंगलवार को हुई घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इस घटना की चिंगारी सोमवार की शाम से ही सुलगने लगी थी। रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने सामने थे। अधिकारियों की सुलह-समझौते की कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बावजूद प्रशासन मामले को निपटा नहीं सका। रात में सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल के शोभायात्रा निकाले जाने की घोषणा के बाद सुबह से ही मेला आयोजकों ने कस्बे में कई बार घोषणा कराई और गुड़ाही बाजार में लोगों से एकत्र होने की अपील की। यह सब होता रहा और प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
 
विज्ञापन

7 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
गुटबाजी ने आग में घी डालने का काम किया 
आखिर क्या कारण रहा कि पूरे मामले में प्रशासन की ओर से मेला आयोजकों व दूसरे पक्ष को गुमराह रखा गया। चर्चा इस बात की भी है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ सत्ताधारियों की गुटबाजी ने भी आग में घी डालने का काम किया है। कस्बे में भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास किया गया है।

 

8 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
शांति कमेटी पर उठे सवालिया निशान
कस्बे में बवाल के बाद यहां के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों द्वारा बनाई जाने वाली शांति समिति पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। किसी भी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर समय-समय पर कोतवाली में शांति समिति की बैठक की जाती है। जिसमें कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होती है। लेकिन कंस वध मेले में रास्ते को लेकर उत्पन्न हुए बवाल के बाद अब शांति समिति में बुलाए जाने वाले लोगों और वहां लिए जाने वाले आपसी निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हैं। लोगों का कहना है कि शांति समिति में गंगा जमुनी तहजीब सिखाने वाले व गलबहियां डालने वाले जिम्मेदार लोग किसी भी बवाल के समय अपना चेहरा बदल लेते हैं। 
 

9 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के लिहाज से कई जोन में बांटा कस्बा 
एडीजी एसएन साबत ने बताया कस्बे के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रख कई जोन व सेक्टर में बांटा गया है। जिसमें जिले के अलावा आसपास के जिलों के पुलिस विभाग के अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया वह खुद डीआईजी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के साथ कस्बे में लगातार रूट मार्च कर व्यापारियों तथा यहां के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की अपील कर रहे हैं।

 
विज्ञापन

10 of 10
हमीरपुर कंस मेला उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
छावनी में तब्दील हो जाएगा कस्बा 
एडीजी एसएन साबत ने बताया कस्बे का माहौल शांत बना रहे और आगे कोई घटना न हो इसके लिए भारी फोर्स की तैनाती बुधवार की शाम से होगी। गैर जनपदों से पीएसी व दो कंपनी अर्ध सैनिक बल, एएसपी, सीओ, इंस्पेक्टर व पुलिस फोर्स मंगाया गया है। मौदहा कोतवाली से महज 20 कदम पर मंदिर है और यहीं से नेशनल चौराहा को मार्ग जाता है। सुरक्षा के लिहाज से इस स्थान पर दमकल विभाग का एक फायर टेंडर खड़ा किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें