माघी पूर्णिमा बुधवार को है। इस दिन गंगा में स्नान करने के बाद दानपुण्य करने और भगवान विष्णु का पूजन करने का विशेष महत्व है। आचार्य दीपक पांडेय का कहना है कि ऐसी मान्यता है माघी पूर्णिमा का स्नान करने से अभीष्ट फल प्राप्त होते हैं। इससे लाभ होता है और सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं। निर्णय सिंधु के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन सूर्य को अर्घ्य देने और गंगा स्नान करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त होता है।
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माघी पूर्णिमा
आचार्य सूर्य नारायण शुक्ल का कहना है कि पद्म पुराण के अनुसार गंगा और यमुना के संगम में स्नान किया जाए तो काशी स्नान से सौ गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है। ब्रह्मापुराण के अनुसार इस दिन स्नान करने से पांडरिक का लाभ मिलता है तथा विष्णु भगवान का पूजन करने से चारों धाम का लाभ मिलता है।
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गंगा पार जाकर स्नान करें
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माघी पूर्णिमा
यदि आपको माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना है तो शहर के गंगा घाटों पर कर सकते हैं। इस बार पानी साफ है। गंगा के उस पार जाएंगे तो मुख्य धारा भी मिलेगी। सरसैया घाट, परमट घाट, गुप्तार घाट, भगवतदास घाट, मैग्जीन घाट, मैस्कर घाट आदि जगहों पर नाव तैयार हैं। उस पार जाने और आने के 20 रुपये प्रति व्यक्ति लगेंगे।
सुबह 8:30 बजे से 12 घंटे के लिए बंद हो जाएंगे मंदिर
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माघी पूर्णिमा
31 जनवरी को खग्रास चंद्र ग्रहण है। ग्रहण शाम 5:18 बजे स्पर्श करेगा। रात 8:41 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। कानपुर में शाम 5:22 बजे ग्रहण स्पर्श करेगा और रात 8:41 बजे मोक्ष होगा।
ग्रहण का सूतक 31 को सुबह से शुरू हो जाएगा। इसके चलते पनकी मंदिर, परमट मंदिर, सांई मंदिर, तपेश्वरी मंदिर, काली मठिया समेत शहर के सभी मंदिर सुबह 8:30 बजे से बंद हो जाएंगे। रात 8:42 पर खुलेंगे।