साल का पहला खग्रास चंद्र ग्रहण अाैर माघी पूर्णिमा एक साथ 31 जनवरी 2018 काे पड़ रहे हैं। माघ माह में माघी पूर्णिमा का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। हिंदू पंचाग के अनुसार ग्यारहवें महीने में कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य प्रवेश करता है तब माघ पूर्णिमा का पवित्र योग बनता है।
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चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान होकर अमृत की वर्षा करते हैं
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इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान होकर अमृत की वर्षा करते हैं। इसके अंश वृक्षों, नदियों, जलाशयों और वनस्पतियों में होते हैं। माना जाता है कि माघ पूर्णिमा में स्नान दान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से मुक्ति मिलती है।
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माघ पूर्णिमा के दिन माघ मेले का आयोजन किया जाता है
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माघ पूर्णिमा के दिन माघ मेले का आयोजन किया जाता है। स्नान और दान के बाद श्रद्धालु पूजा-पाठ, यज्ञ आदि करते हैं। माघ माह को बत्तीसी पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन अन्न दान और वस्त्रदान का महत्व माना जाता है।
पवित्र नदियों में स्नान के बाद गरीबों को भोजन करवाया जाता है
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इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के बाद गरीबों को भोजन करवाया जाता है। इस दिन स्नान के लिए महत्व है कि भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसी कारण से इस दिन किया गंगा स्नान मोक्ष की प्राप्ति कराता है।