फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर में बारिश बनी आफत: चकेरी से काकादेव तक जलमग्न; सीएम ग्रिड की सड़कें बनीं खतरनाक, दावों की खुली पोल

Fri, 03 Jul 2026 08:54 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Weather News: कानपुर में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने अस्पतालों, पुलिस चौकी और रिहायशी इलाकों को जलमग्न कर दिया है। शहर की जर्जर सड़कों और जलभराव के बीच मौसम विभाग ने अगस्त-सितंबर में अधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है।
विज्ञापन
1 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
कानपुर में शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश ने नगर निगम के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जलभराव और जर्जर सड़कों के कारण लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा चकेरी क्षेत्र में बारिश ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
कांशीराम अस्पताल और सीएमओ कार्यालय परिसर तक जलमग्न हो गए हैं, जिससे मरीजों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लाल बंगला स्थित पुलिस चौकी के पास एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे दोनों तरफ की सड़कें बंद हो गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा।
विज्ञापन

2 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
जलभराव से बुरा हाल
स्वरूप नगर (द चार्ट चौराहा), काकादेव, जरीब चौकी चौराहा, पीरोड कौशलपुरी, गुमटी नंबर-5, साकेत नगर और चावला मार्केट पूरी तरह जलमग्न हो गए। वहीं, देवकी चौराहे के पास मेट्रो द्वारा तोड़ा गया नाला न ठीक होने के कारण सर्वोदय नगर, काकादेव, आरटीओ मार्ग और लाजपत नगर में पानी का भराव विकराल हो गया है।
विज्ञापन

3 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
सीएम ग्रिड योजना से सड़के हुईं खतरनाक
कर्रही, बगिया क्रासिंग, पुराना सेल्स टैक्स रोड, स्वरूप नगर और घंटाघर समेत 10 सड़कों पर खुदाई के बाद बारिश ने इन्हें बेहद खतरनाक बना दिया है। बारिश के पहले नाला सफाई और कूड़ा उठाव के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम कहीं भी दिखाई नहीं दिया।

4 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
मानसून देर से आया है, तो बारिश का पैटर्न बदला है
मानसूनी बारिश इस बार अगस्त या सितंबर के महीने में अधिक हो सकती है। मानसून इस बार भी देर से आ रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रोद्योगिकी विवि के मौसम विभाग में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जब भी मानसून देर से आया है, तो बारिश पैटर्न बदला है। मानसूनी बारिश अगस्त, सितंबर में अधिक हुई। इसके अलावा अक्तूबर में लौटते वक्त भी मानसूनी बारिश हुई है।
विज्ञापन

5 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
अगस्त-सितंबर में अधिक होगी बारिश
विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस बार अगस्त-सितंबर में अधिक बारिश होने का अनुमान है। देर से आने पर कम मानसूनी बारिश देखने को मिली है। बारिश देर से हुई है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो प्रभाव के कारण इस बार सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
kanpur weather update - फोटो : amar ujala
मानसूनी बारिश का पैटर्न यही रहा है
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 1972 में मानसून चार जुलाई को आया, उस साल अगस्त में सर्वाधिक 266.7 मिमी बारिश हुई और सितंबर में जारी रही। इसी तरह वर्ष 1973 में अगस्त में 392.3 मिमी बारिश हुई थी। इसी तरह हाल के वर्षों में 2022 में मानसून 20 जुलाई को आया था। उस साल अगस्त में 273.3 और सितंबर में 257.4 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि जब भी मानसून जुलाई में आया। मानसूनी बारिश का पैटर्न यही रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें