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PHOTOS वीर सपूतों को श्रद्धांजलि: भिगोकर खून में वर्दी, कहानी अपनी दे गए...

Sun, 17 Feb 2019 11:59 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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भिगोकर खून में वर्दी, कहानी अपनी दे गए, मुहब्बत मुल्क की सच्ची, निशानी अपनी दे गए....पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद रैगवां के श्यामबाबू का शनिवार को गांव के खेल मैदान पर भारत माता के जयघोष के बीच अंतिम संस्कार हुआ।
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, विधायक अजीत पाल, मंडलायुक्त, डीआईजी, पूर्व सैनिकों ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। छोटे भाई कमलेश ने चिता को मुखाग्नि दी। 
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सीआरपीएफ के डीआईजी दीवान सिंह 30 जवानों के साथ शनिवार सुबह 10:10 बजे शहीद श्यामबाबू (33) पुत्र राम प्रसाद का शव लेकर गांव पहुंचे, उनके साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी थीं।

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गांव की सीमा पर हजारों की भीड़ सीआरपीएफ के आगे-पीछे जुट गई। सीआरपीएफ का वाहन रामप्रसाद के घर से होते हुए खेल मैदान पर अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा।
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स्मृति ईरानी शहीद के घर पर रुक गईं। उन्होंने शहीद की पत्नी रूबी, मां कैलाशी देवी, बच्चों को गले लगाकर ढांढस बंधाया।
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करीब 25 मिनट घर में रुकने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ केंद्रीय मंत्री अंतिम संस्कार स्थल पहुंचीं। वहां मां कैलाशी देवी, पत्नी रूबी, पिता रामप्रसाद, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अजीत पाल, मंडलायुक्त सुभाषचंद्र, डीआईजी आलोक सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, एसपी राधेश्याम, पूर्व सैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
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भीड़ भारत माता की जय, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, श्यामबाबू का नाम रहेगा’ के नारे लगाते रहे। शहीद की झलक पाने के लिए लोग पेड़ों पर चढ़े थे। सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया।

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12:30 बजेे छोटे भाई कमलेश ने चिता को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगने लगे।

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शहीद की पत्नी को गले लगा रो पड़ीं स्मृति ईरानी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शहीद के घर पहुंचीं महिलाओं के बीच बैठ गईं। महिलाएं बिलख कर रो रही थीं। मंत्री ने शहीद की पत्नी रूबी गले लगा लिया। उसे बिलखता देख उनकी आंखों से भी आंसू छलक आए।
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अपने को संभालते हुए शहीद की रूबी को विश्वास दिलाया कि उसके दुख से सरकार भी आहत है और हर कदम पर उसके साथ है। पास में बैठे शहीद के बेटे लकी व बेटी आरुषि पर मंत्री ने प्यार से हाथ फेरा।
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