डेमो पिक
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शहीद की पत्नी नीरज के सामने आने वाले दिनों में चुनौतियां कम नहीं हैं। नौकरी के साथ ही बेटियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। वह चार माह की गर्भवती भी हैं। इसका भी ध्यान रखना है।
नीरज ने बताया कि पति की शहादत के बाद 14 फरवरी को वह अजान गांव पहुंच गई थीं। तब उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह किसी से बात कर पातीं। 16 फरवरी को वह कानपुर स्थित घर आ गई थीं। कानपुर आने के बाद कन्नौज के नेता या जनप्रतिनिधि अजान गांव तो गए लेकिन उनसे किसी ने भी बात करने की जरूरत नहीं समझी।