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PHOTOS वीर सपूतों को श्रद्धांजलि: इस बेटी का जज्बा और लोगों का खौलता खून बयां कर रहा है दर्द

Sun, 17 Feb 2019 08:55 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जम्मू के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए उन्नाव जिले के लाल अजीत कुमार आजाद का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह जैसे ही लोक नगर पहुंचा वैसे ही हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए। युवाओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा, अजीत तेरा नाम रहेगा नारा लगाया तो माहौल नम हो गया। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान के विरोध में भी नारे लगाए। 
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
सुबह 7:25 बजे सीआरपीएफ के जवानों ने जैसे ही पार्थिव शरीर को ट्रक से नीचे उतारा वैसे ही लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए थे। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को उनके आवास के बाहर रख दिया गया था। यहां अंतिम दर्शन कर लोगों ने पुष्प अर्पित किए। लोगों ने एक स्वर में सरकार से इस घटना का बदला लेने की भी मांग उठाई। अंतिम यात्रा में शामिल लेागों ने हाथों में तिरंगा लेकर अजीत आजाद जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारे लगाए।
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने सड़क पर उतर नारेबाजी की। शहर के अकरमपुर के निकट लोगों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान का पुतला फूंका और मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां प्रशासन ने आक्रोशित लोगों को किसी तरह संभाला।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जम्मू के पुलवामा में 21 अक्तूबर 2018 को आतंकियों से लोहा लेते हुए बीघापुर निवासी सीआरपीएफ जवान विजय कुमार शहीद हो गए थे। शनिवार को शहीद विजय की पत्नी प्रतिभा अपनी नवजात बच्ची के साथ शहर पहुंची। उन्होंने शहीद अजीत के अंतिम दर्शन कर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उनकी आंखें नम हो गईं। 
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद अजीत की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए हर कोई बेताब था। शनिवार दोपहर जैसे ही यात्रा अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र पहुंची वैसे ही फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक फैक्ट्री से निकल बाहर आ गए और मानव शृंखला बनाकर शहीद अजीत के अंतिम दर्शन किए।
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहर के लोक नगर निवासी प्यारेलाल के शहीद बेटे अजीत कुमार आजाद का पार्थिव शव शनिवार सुबह करीब 7:25 बजे सीआरपीएफ डीआईजी आरएस चौहान 93 वीं बटालियन के 39 जवान सेना के वाहन से लेकर पहुंचे।
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शव पहुंचते ही शहीद के पिता, पत्नी मीरा, मां राजवंती, भाई मंजीत, रंजीत, सुजीत ताबूत से लिपटकर दहाड़े मारकर रो पड़े। बेटी ईशा ने पिता को सैल्यूट कर सलामी दी तो हर कोई बेटी का जज्बा देखकर सिसक पड़ा। इसके बाद लोकनगर आंसुओं के सैलाब में डूब गया।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
सीआरपीएफ जवानों ने अपने साथी को सलामी दी। वहीं डीआईजी ने पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को भीड़ का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह करीब 9 बजे कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने आवास पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। पार्थिव शरीर को सीआरपीएफ डीआईजी, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, सदर विधायक पंकज गुप्ता, डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी हरीश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश सिंह ने कंधा दिया।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा सपा एमएलसी सुनील सिंह समेत सभी दलों के नेता शामिल हुए। इस दौरान 35 से अधिक स्थानों पर हजारों की संख्या में लोगों ने पुष्पवर्षा कर अंतिम दर्शन कर नमन किया। गंगातट पर छोटे भाई मंजीत ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सांसद साक्षी जी महाराज, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, पूर्व एमएलसी अरविंद त्रिपाठी गुड्डू, सदर विधायक पंकज गुप्ता, पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत भी मौजूद रहे।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात में हर आम-ओ-खास की आंखें नम थीं। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री ने ढांढस बधाने के लिए जैसे ही शहीद की पत्नी को गले लगाया वह खुद रो पड़ीं। इसके बाद अपने को संभालते हुए उसे इस बात का भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उसके साथ है।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
अपना सब उजड़ जाने की बात कह बिलख रही शहीद जवान श्यामबाबू की पत्नी रूबी को देख हर कोई रो पड़ा। घर के बाहर बिलख रही महिलाओं क बीच जाकर केंद्रीय मंत्री भी बैठ गईं। उन्होंने शहीद की पत्नी को गले लगाया कर ढांढस बंधाने की कोशिश शुरु की लेकिन उसके बिलखने पर वह खुद रो पड़ीं। यह देख वहां मौजूद लोग भी रोने लगे।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
इस बीच उन्होंने अपने को संभालत हुए शहीद की पत्नी को विश्वास दिलाया कि उनके दुख से सरकार भी आहत है और हर कदम पर उसके साथ है।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
करीब 25 मिनट शहीद के घर में रुकीं केंद्रीय मंत्री ने माता-पिता के साथ बहनों को ढांढस बंधाया। इसके बाद शहीद की मां को पकड़कर अपने साथ अंत्येष्टि स्थल तक ले गईं। 

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद श्यामबाबू के शव का शनिवार को पैतृक गांव रैगांव में अंतिम संस्कार किया गया।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
छोटे भाई कमलेश ने चिता को मुखाग्नि दी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पत्नी रूबी, मां कैलाशी देवी और बच्चों को गले लगाकर सांत्वना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देते समय मां और पत्नी बेहोश हो गईं।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जिले के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अजीत पाल, मंडलायुक्त सुभाषचंद्र, डीआईजी आलोक सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ दीवान सिंह, डीएम राकेश कुमार सिंह, एसपी राधेश्याम और पूर्व सैनिकों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
भारत माता के जयघोष और लहराते तिरंगों के बीच शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों युवाओं की भीड़ पहुंची थी।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी को प्रदेश सरकार की ओर से 20 और माता-पिता को 5 लाख रुपये भी दिए गए हैं। 

 

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले में कन्नौज जिले के शहीद प्रदीप सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। राजकीय सम्मान के साथ जिले के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के साथ ही जनप्रतिनिधियों और डीएम-एसपी ने श्रद्धांजलि दी।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी की इच्छा जताने पर बड़ी बेटी सुप्रिया ने मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देने के बाद शहीद की बेटी गश खाकर गिर गई।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
पति की चिता में आग लगते ही पत्नी नीरज देवी बेसुध हो गईं। शहीद के पिता अमर सिंह और भाई कुलदीप के साथ ही मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस मंजर को देख सीआरपीएफ के जवान भी आंसू नहीं रोक सके। इस दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगे।
 

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
दो दिन के इंतजार के बाद शनिवार सुबह करीब आठ बजे सीआरपीएफ की गाड़ी से डीआईजी सीआरपीएफ जसवीर सिंह संधू जवानों के साथ ताबूत में बंद शहीद का पार्थिव शरीर लेकर सुखसेनपुर के अजान गांव पहुंचे।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
प्रदीप सिंह के अंतिम दर्शन के लिए जनसमुदाय उमड़ पड़ा। डीएम रवींद्र कुमार और एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह पहले से ही अफसरों के साथ मौजूद थे। बेटी सुप्रिया और पत्नी नीरज देवी के साथ पिता अमर सिंह, मां सरोजनी देवी और भाई कुलदीप पार्थिव शरीर के पास बैठ गए। पूरा माहौल चीख पुकार से गूंज उठा।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई अंतिम यात्रा में जिलाधिकारी रवींद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इसके अलावा भाजपा विधायक कैलाश राजपूत, पूर्व विधायक अरविंद प्रताप सिंह समेत अन्य लोगों ने भी कंधा दिया।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
गांव के किनारे प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर अंतिम संस्कार हुआ। साथ आए सीआरपीएफ के डीआईजी जसवीर सिंह संधू व सीआरपीएफ के अन्य जवानों ने सलामी दी।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद के पार्थिव शरीर पर जिला के प्रभारी राज्यमंत्री संदीप सिंह, खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, डीआईजी जसवीर सिंह संधू, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार व पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह, विधायक कैलाश राजपूत ने पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार की ओर से शहीद प्रदीप सिंह की पत्नी नीरज देवी के बैंक खाते में 20 लाख रुपये और पिता अमर सिंह के खाते में 5 लाख रुपये की सहायता राशि भेज दी गई हैं। प्रभारी मंत्री संदीप सिंह व खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने बताया कि प्रदेश सरकार ने यह राशि बैंक खाते में शुक्रवार की देर रात आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी थी। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। 
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शहीदों का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद प्रदीप सिंह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के मामले में परिवार में असमंजस की स्थिति है। शहीद की पत्नी नीरज देवी ने स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की है। पुत्री सुप्रिया (10) व सौम्या (3) हैं। ऐसे में संभावना है कि सरकारी नौकरी के लिए शहीद की पत्नी ही प्रयास कर सकती हैं। हालांकि मृतक के छोटे भाई कुलदीप सिंह मित्रसेनपुर कन्नौज में अनुदेशक के पद पर तैनात हैं। इसलिए उनकी उम्मीद कम है।
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