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पुलवामा आतंकी हमलाः उन्नाव का लाल शहीद, चार दिन पहले ही अजीत गए थे जम्मू, शोक में डूबा जिला

Fri, 15 Feb 2019 09:25 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार शाम हुए आतंकी हमले में यूपी में उन्नाव जिले के लोक नगर का वीर सपूत अजीत कुमार (38) शहीद हो गया। गुरुवार देर रात छोटे भाई रंजीत के पास फोन आया तो परिवार में कोहराम मच गया। अजीत चार दिन पहले ही एक महीने की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर गए थे। सूचना पर डीएम, सिटी मजिस्ट्रेट देर रात शहीद के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।


 
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शहर के लोक नगर निवासी अजीत कुमार (38) पुत्र प्यारे लाल सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात थे। गुरुवार शाम वह सीआरपीएफ के काफिले के साथ जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे थे। तभी पुलवामा अवंतीपोरा में गोरीपोरा में एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी कार को जवानों की बस से भिड़ा दिया। तेज विस्फोट में बस में सवार कई जवान शहीद हो गए। जिनमें अजीत कुमार भी शामिल थे। देर रात जम्मू हेडक्वार्टर से परिजनों को सूचना मिली।
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आतंकी हमले में अजीत के शहीद होने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। शहादत की खबर फैलते ही क्षेत्र शोक में डूब गया। अजीत के छोटे भाई रंजीत ने बताया कि आतंकी हमले की खबर वह टीवी पर देख रहे थे। तभी जम्मू से आए फोन से उन्हें भाई के शहीद होने की खबर मिली। आतंकी हमले में उन्नाव के जवान की शहादत की सूचना मिलते ही डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह शहीद अजीत के घर पहुंचे।

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सीआरपीएफ की 115वीं बटालियन में तैनात जवान अजीत कुमार पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। अजीत से छोटे सुजीत परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। तीसरे नंबर पर रंजीत व चौथे नंबर पर मंजीत है। मंजीत भी सेना में जवान हैं। मौजूदा समय में वह भोपाल में तैनात हैं। जबकि सबसे छोटा भाई संजीत बीटीसी कर रहा है। भाई रंजीत ने बताया कि एक माह पूर्व ही बड़े भाई अजीत कुमार छुट्टियों पर घर आए थे। 10 फरवरी को छुट्टियां खत्म होने पर वह जम्मू चले गए थे।
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अजीत के परिजनों को गुरुवार शाम जैसे ही आतंकी हमले की खबर मिली वह सकते में आ गए थे। उन्होंने सबसे पहले अजीत को फोन मिलाया। हालांकि उनका अजीत से संपर्क नहीं हो सका। इस बीच उन्होंने दूसरे साथियों को फोन मिलाया। जिस पर उन्हें हमला होने की जानकारी मिली। हालांकि अजीत सुरक्षित हैं या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी। आतंकी हमले की खबर के बाद से कई घंटे तक घर में सन्नाटा पसरा रहा। देर शाम जब अजीत के शहीद होने की खबर मिली तो कोहराम मच गया। आतंकी हमले में अजीत के शहीद होने की खबर मिलते ही पिता प्यारे लाल, मां राजवंती व पत्नी मीना का रो रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को रोता देख मासूम बेटियों ने उन्हें संभाला। मां मीना को बेटी ईशा (11) व रिषा (09) संभालती रहीं।
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