डेमो पिक
मोहल्ले में रहने वाले रिटायर्ड सूबेदार प्रदीप यादव ने बताया कि मनमौजी स्वभाव के कारण मोहल्ले के बच्चे भी उसे खूब मानते थे। बड़ों के प्रति आदर-सम्मान कूट कूटकर भरा था। आने पर लोगों से मिलकर हालचाल लेना और फिर जाते वक्त बड़ों का आर्शीवाद लेना वह कभी नहीं भूलता था। मोहल्ले के संतोष गुप्ता प्रदीप को याद करके फफक कर रो पड़े। बोले, चार दिन पूर्व हुई मुलाकात आखिरी हो जाएगी, सोचा नहीं था।