फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में बंदियों ने उठाया ये कदम, डिप्टी जेलर पर लगाये आरोप, मचा हड़कंप

Sat, 23 Jun 2018 07:35 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
अस्पताल में भर्ती बंदी - फोटो : अमर उजाला
यूपी के इटावा जिला कारागार में निरूद्व दो बंदियों ने डिप्टी जेलर के उत्पीड़न से तंग आकर शुक्रवार की सुबह डाई पी ली। हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में दोनों को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत में सुधार न होने पर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेल अधीक्षक ने इस प्रकरण में जांच कराने की बात कही है। 



 
विज्ञापन

2 of 4
अस्पताल में भर्ती बंदी - फोटो : अमर उजाला
जिला कारागार में चौबिया थाना क्षेत्र के गांव सरसईहेलू निवासी सुनील कुमार पुत्र छोटे लाल को चौबिया थाना पुलिस ने भाजपा आई टी सेल के कार्यकर्ता से लूट के मामले में गिरफ्तार कर 14 अप्रेल 2017 को जेल भेजा गया था। इसके अलावा औरैया थाना पुलिस ने शराब की अवैध भट्टी का संचालन करने के आरोप में कानपुर देहात के मंगल पुर थाना क्षेत्र के गांव सिलाला निवासी राम कुमार पुत्र अजयपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एक ही बैरक में रहने के कारण दोनों में दोस्ती हो गई थी।
विज्ञापन

3 of 4
अस्पताल में भर्ती बंदी - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की सुबह दोनों ने डाई का पीकर जान देने का प्रयास किया । हालत बिगडने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। दोनों को पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत में सुधार न होने पर उन्हें जिला अस्पताल  रेफर किया गया। बंदी राम कुमार और सुनील ने आरोप लगाया कि जेल में तैनात डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद उन दोनों का उत्पीडन कर रहे है वह उनकी हत्या भी करा सकते है। बताया कि जेलर ने दोनेां के साथ कुछ दिन पूर्व मारपीट भी की थी। डिप्टी जेलर ने दोनेां की ड़्यूटी भडारे में लगा दी थी। दोनों का कहना है कि डिप्टी जेलर के उत्पीडन से तंग आकर उन्होने जेल के अंदर संचालित कैंटीन से डाई खरीदी और उसे पी ली। डाई पीने के बाद उन्हें पेट दर्द के साथ उल्टी होना शुरू हो गई। जिसके कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
 
विज्ञापन

4 of 4
अस्पताल में भर्ती बंदी - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बैरिक की तलाशी के दौरान दोनेां के पास कुछ नशीला पदार्थ मिला था। इसके कारण दोनों की बैरिकें बदल दी गई थी। जेल प्रशासन पर दबाब बनाने के लिए दोनों ने यह काम किया। उन्होने बताया कि डिप्टी जेलर के द्वारा उत्पीड़न किए जाने की बात सामने आने के बाद वह इस मामले की जांच कराएगें। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
 
 
आखिर नशीलापदार्थ आया कहां से-
जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ मिला था जिस कारण से उनकी बैरिकें बदली गई थी। अब सवाल यही उठता है कि आखिर उनके पास नशीला पदार्थ आया कहां से। यह जांच का विषय है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल के अंदर बंदियो के लिए सारी सुविधाएं मिलती हैं। ये सुविधाएं उन्ही लोगों को मिलती है जिन पर अधिकारियों की कृपा रहती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें