अस्पताल में भर्ती बंदी
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इस संबंध में जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बैरिक की तलाशी के दौरान दोनेां के पास कुछ नशीला पदार्थ मिला था। इसके कारण दोनों की बैरिकें बदल दी गई थी। जेल प्रशासन पर दबाब बनाने के लिए दोनों ने यह काम किया। उन्होने बताया कि डिप्टी जेलर के द्वारा उत्पीड़न किए जाने की बात सामने आने के बाद वह इस मामले की जांच कराएगें। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आखिर नशीलापदार्थ आया कहां से-
जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान उनके पास से नशीला पदार्थ मिला था जिस कारण से उनकी बैरिकें बदली गई थी। अब सवाल यही उठता है कि आखिर उनके पास नशीला पदार्थ आया कहां से। यह जांच का विषय है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल के अंदर बंदियो के लिए सारी सुविधाएं मिलती हैं। ये सुविधाएं उन्ही लोगों को मिलती है जिन पर अधिकारियों की कृपा रहती है।