यूपी के औरैया जिले में बिधूना कोतवाली के कुदरकोट स्थित भयानक नाथ मंदिर में दो साधुओं की हत्या गोकशी का विरोध करने पर की गई थी। इसकी साजिश में 14 आरोपी शामिल थे, जिनमें 11 वारदात करने पहुंचे थे। पुलिस ने पांच को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की गिरफ्तारी के दबिश जारी है।
शनिवार को बिधूना कोतवाली में बहुचर्चित कुदरकोट के दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी नागेश्वर सिंह ने बताया कि 14 अगस्त की रात को कुदरकोट स्थित भयानक नाथ मंदिर में ग्राम बांजरहार थाना ऐरवाकटरा निवासी लज्जाराम पुत्र बनवारी लाल, ग्राम खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा निवासी हरभजन पुत्र रामअवतार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।
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मंदिर में साधुओं की हत्या से जुड़ी फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
तीसरे साधु बीबीपुर थाना बिधूना निवासी रामशरन पुत्र गंगाराम शाक्य को गंभीर हालत में सैफई में भर्ती कराया गया था। जिसका अभी इलाज जारी है। साधुओं द्वारा गोकशी का विरोध करने के चलते ही इस घटना को अंजाम दिया गया। घटना के खुलासे के लिए अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन की ओर से सात टीमें गठित की गईं थीं। कानपुर क्राइम ब्रांच के सहयोग से इस घटना का खुलासा हुआ। साधुओं की हत्या की वारदात में 11 लोग शामिल थे जबकि तीन अन्य ने बाहर रहकर साजिश में सहयोग किया।
एसपी के मुताबिक शनिवार को दिन के 11 बजे सातों टीमों ने मिलकर वैवाह बंबा पुलिया चौपुला मॉडल के समीप घटना में शामिल सलमान पुत्र जब्बार, नदीम उर्फ नद्दा पुत्र रहीश खां, शहजाद पुत्र मो. आजाद, मजनू उर्फ नाजिम पुत्र असगर, जब्बार पुत्र रमजानी निवासीगण कुदरकोट बिधूना को दो बाइकों पर जाते हुए धर दबोचा। पुलिस टीम ने पकड़े गए युवकों के पास से हत्या में प्रयुक्त छह धारदार हथियार और 1688 रुपये की बरामदगी की।
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मंदिर में साधुओं की हत्या से जुड़ी फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कड़ाई से पूछताछ में इन लोगों ने घटना में शामिल गफ्फार पुत्र जब्बार, शहबाज पुत्र अकील, चुन्नू उर्फ साहिबे आलम पुत्र निजामुद्दीन, छोटे पुत्र चांद, भोले पुत्र मुन्ना, दानिश पुत्र चांद, राजा पुत्र कमरू, चांद पुत्र मजीद, जब्बार पुत्र रमजानी के नाम बताए। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिशें दे रही है। इसके राजा पुत्र कमरू, चांद पुत्र मजीद, जब्बार पुत्र रमजानी को साजिश रचने में आरोपी बनाया गया है। खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
कुदरकोट स्थित भयानक नाथ मंदिर में दो साधुओं की हत्या के बाद बिगड़े माहौल में अब सुधार देखने को मिल रहा है। सड़कों बाजारों पर लोग दिखे। हालांकि गांव व मंदिर में पुलिस अभी भी तैनात है। शनिवार को खुलासे के बाद लोगों में इसकी चर्चा रही। उधर वारदात में गंभीर घायल साधु का सैफई अस्पताल में इलाज जारी है। पुजारी का हाल लेने के लिए किसी अधिकारी के पास समय नहीं है। कोई नेता भी सैफई नहीं पहुंचा। किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली है।
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मंदिर में साधुओं की हत्या से जुड़ी फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को मृतक साधु लज्जाराम के परिजन मंदिर पहुंचे। मृतक साधुओं के परिजन सीओ बिधूना भास्कर वर्मा से मिले। मंदिर पहुंचे परिजनों की जानकारी पर गांव के लोग भी पहुंचे। सीओ बिधूना ने मृतक साधु के परिजनों को शीघ्र न्याय का आश्वासन दिया। इधर बिधूना कोतवाली में घटना के खुलासा करने पहुंचे एसपी ने जब घटना का खुलासा किया तो वहां मौजूद मृतक साधु लज्जाराम व हरभजन के भाइयों के आंसू निकल आए। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
वहीं सैफई अस्पताल में भर्ती रामशरण पुत्र गंगाराम के पुत्र सर्वेश ने बताया कि घटना के बाद जिला प्रशासनिक अधिकारी और नेताओं ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। सीएम स्तर से आर्थिक मदद का आश्वासन मिला, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली है। बताया कि हम लोग इलाज करा रहे हैं। घायल पुजारी रामशरण का हाल लेने न अधिकारी व न ही कोई नेता पहुंचा।
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मंदिर में साधुओं की हत्या से जुड़ी फाइल फोटो
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दिबियापुर विधायक ने परिजनों को दी सात्वना
कुदरकोट में मंदिर में हुई घटना के चार दिन बाद दिबियापुर विधायक लाखन सिंह राजपूत पार्टी नेताओं के साथ मंदिर पहुंचे। मृतक साधुओं के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। आश्वासन दिया कि हत्यारों को सख्त सजा मिलेगी। विधायक ने मंदिर पर पिकेट की तैनाती व अन्य सहायता दिलाने की बात कही। विधायक के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, अभय सिंह, गोविंद भदौरिया, रमेश गुप्ता आदि भाजपा नेता पहुंचे।
क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरके सक्सेना
एएसपी, औरैया
File photo related to murder of sadhus in temple
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घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार का इनाम
एसपी नागेश्वर सिंह ने बताया कि इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्यारों ने की थी लूट
बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी नागेश्वर सिंह ने बताया कि साधुओं की हत्या को अंजाम देने वाले अपराधी शातिर हैं। वारदात लूट के विरोध में लगे इसलिए मंदिर के दानपात्र में रखे रुपये लूटे और कमरों में रखा सामान बिखरने के बाद कपड़े इधर-उधर फेंक दिए थे। एसपी नागेश्वर सिंह ने बताया कि अवैध रूप से गोकशी का धंधा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में एक सिपाही का संरक्षण होने के सवाल पर एसपी ने कहा कि किसी को नहीं बख्शा जाएगा।