फतेहपुर में बालाजी मंदिर के पुजारी और सेवादार की हत्या का मामला सामने आया है। गांव के ही युवक ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्जकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बालाजी मंदिर के बाहर सो रहे मुख्य पुजारी कृष्ण गोविंद तिवारी (65) और उनके सेवादार अवधेश प्रजापति (50) की मंगलवार तड़के गांव के ही राजू पासवान ने ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
हत्या में प्रयुक्त ईंट बरामद कर ली। पुजारी ने आरोपी को उसकी गलत संगति और नशेबाजी के चलते मंदिर आने से मना किया था। बिलंदा कस्बे निवासी कृष्ण गोविंद तिवारी उर्फ धुन्ना करीब 20 साल से बालाजी मंदिर में पुजारी थे। गांव के ही अवधेश सेवादार के रूप में रहते थे। मृतक पुजारी की पत्नी सुनीता ने पुलिस को बताया कि राजू पासवान उर्फ टुट्टी आपराधिक प्रवृत्ति का है। पत्नी की 10 साल पहले मौत हो चुकी थी। बेटा भी कहीं चला गया, जिसके बाद से वह अकेला रहता था।
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कपड़ों में लगा खून
- फोटो : संवाद
वह अक्सर नशे की हालत में ही अपना पूरा वक्त मंदिर परिसर में बैठकर काटता था, जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं को समस्या होती थी। गांव के एक जनप्रतिनिधि के कहने पर पुजारी ने राजू को मंदिर आने से मना कर दिया था। इसे लेकर वह रंजिश मानने लगा था। मंगलवार तड़के चार बजे राजू ने मंदिर के बाहर चारपाई पर आसपास सो रहे पुजारी व सेवादार के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ हमला करके लहूलुहान कर दिया। दोनों को मृत समझकर वह भाग निकला। इसके कुछ देर बाद बिलंदा गांव निवासी सरस टहलते हुए मंदिर पहुंचा तो पुजारी और सेवादार को खून से लथपथ देखकर शोर मचाया।
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सेवक अवधेश की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने पुजारी को मृत घोषित कर दिया। सेवादार की सांसें चलती देख उन्हें लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल भेजा गया, जहां उन्हें भी डॉक्टरों ने मृत बता दिया। एसपी अनूप सिंह व आईजी अजय मिश्रा ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की। पुजारी के दो बेटे वैभव और निखिल हैं। पुलिस ने राजू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्जकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने मंदिर आने से रोकने की खुन्नस में हत्या की बात कबूली है।
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पुजारी गोविंद की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
हत्यारोपी ने एक ही हाथ में ईंट लेकर की थी दोनों की हत्या
फतेहपुर के थरियांव थाना क्षेत्र में बालाजी मंदिर के बाहर पुजारी कृष्ण गोविंद तिवारी और उनके सेवादार अवधेश प्रजापति की हत्यारोपी राजू ने एक हाथ में ईंट लेकर उसी से हमला करके उनकी हत्या की थी। दरअसल, उसके बाएं हाथ का पंजा 15 साल पहले घर में ही बम बनाने के दौरान हुए धमाके में उड़ गया था। पुलिस के अनुसार वह शुरुआत से ही आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। इसीलिए उसने अपने एक ही हाथ से सोते हुए पुजारी और सेवादार के सिर पर हमला करके उन्हें मार डाला।
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डबल मर्डर के बाद लगी भीड़
- फोटो : संवाद
पीपल के पेड़ पर छिपा दी थी ईंट
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी शातिर अपराधी है। उसने वारदात को अंजाम देने के बाद हत्या में प्रयुक्त ईंट को पास के पीपल के पेड़ पर चढ़कर छिपा दिया था। पुलिस ने उसे गांव से ही गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर खून से सनी हुई ईंट बरामद कर ली।
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घटना के बाद गमगमीन महिलाएं
- फोटो : संवाद
सेवादार ने घिसटते हुए की थी बचने की कोशिश
पुलिस को पुजारी का शव चारपाई पर पड़ा मिला और सेवादार चारपाई से कुछ दूरी पर जमीन पर पड़े हुए मिले। पुलिस के अनुसार हमला होने के बाद सेवादार ने घायलावस्था में ही जमीन पर घिसटते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश की थी, जिसके साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद वह बेहोश हो गए थे। लखनऊ स्थित अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
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घटनास्थल पर लगी भीड़
- फोटो : संवाद
प्रेतराज सरकार की वजह से चर्चा में आया मंदिर
हाईवे किनारे स्थित बालाजी का मंदिर करीब 100 साल पुराना है। इसे बिलंदा कस्बे की ही निवासी दिलीप कुमार गुप्ता के परिजनों ने बनाया था। करीब 10 साल पहले कानपुर के शनि मंदिर के पास रहने वाले प्रेतराज सरकार नाम के एक बाबा ने यहां की तस्वीर बदल दी। लोगों के आपसी सहयोग व व्यक्तिगत रुचि से उन्होंने मंदिर को भव्य रूप दिया। उसके बाद से मंदिर आसपास काफी प्रसिद्ध हो गया।
हत्यारोपी के बेटे को भी पुलिस ने उठाया
पुजारी और सेवादार की हत्या के आरोपी राजू पासवान को मंगलवार सुबह ही पुलिस ने गिरफ्तार किया। क्योंकि राजू का एक हाथ से दिव्यांग है, ऐसे में पुलिस को वारदात में एक से अधिक लोगों के होने की आशंका है। पुलिस ने राजू के पुत्र चंद्रशेखर को भी थाना क्षेत्र के चितीसापुर गांव से उसके मामा के यहां से उठाया है। लोगों में चर्चा है कि राजू रात में गांजे की मांग को लेकर मंदिर पहुंचा था, जहां गांजा न मिलने से खुन्नस और अधिक बढ़ गई। पुलिस के अनुसार पुत्र से पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं।