राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार रात आठ बजकर पांच मिनट पर प्रेसिडेंशियल ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस से कानपुर सेंट्रल पर उतरे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करने के लिए 10 मिनट पहले ही सेंट्रल स्टेशन पहुंच गए थे। झींझक स्टेशन तक ट्रेन अपने समय पर आई लेकिन वहां 15 मिनट के बजाय करीब 40 मिनट तक राष्ट्रपति रुके। वहां से ट्रेन शाम 6:41 बजे रवाना हुई। ऐसे में कानपुर सेंट्रल पर निर्धारित रात के 7:45 बजे पहुंचने वाली ट्रेन 20 मिनट की देरी से रात 8:05 बजे सेंट्रल स्टेशन आई। बेहद सख्त सुरक्षा के बीच राष्ट्रपति सेंट्रल आए। मीडिया को भी पास जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। राष्ट्रपति के साथ दिल्ली से रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा साथ आए। 15 कोच वाली इस ट्रेन में उनके परिवार समेत 312 लोग उतरे।
16 मिनट पहले कानपुर आ गई पायलट ट्रेन
प्रेसिडेंशियल ट्रेन के आगे संरक्षा की वजह से एस्कॉर्ट करके आ रही पायलट ट्रेन सेंट्रल स्टेशन पर 16 मिनट पहले शाम 7:49 बजे आ गई जिसे सीधे चंदारी स्टेशन के लिए पास कर दिया गया। वहीं, प्रेसिडेंशियल ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर 10 पर सुरक्षा घेरे में खड़ा कर दिया गया।
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राष्ट्रपति की दिल्ली से कानपुर की यात्रा
- फोटो : राष्ट्रपति भवन
रात 10 बजे के बाद प्लेटफार्म नंबर एक से संचालन शुरू हो गया और श्रमशक्ति एक्सप्रेस अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्लेटफार्म नंबर 10 से ही चलाई गई। बता दें कि प्रेसिडेंशियल ट्रेन 28 जून तक सेंट्रल स्टेशन पर रहेगी। 28 को सुबह राष्ट्रपति इसी ट्रेन से लखनऊ रवाना होंगे।
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राज्यपाल और सीएम योगी ने किया राष्ट्रपति का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
प्रेसिडेंशियल ट्रेन देखने की होड़, सेल्फी भी ली
राष्ट्रपति का काफिला सर्किट हाउस रवाना होने के 20 मिनट बाद यात्री प्लेटफार्म नंबर एक पर चले गए। जिनकी ट्रेनें देर से थीं, उन यात्रियों में प्रेसिडेंशियल ट्रेन को देखने की उत्सुकता रही। यात्रियों, पुलिस के अधिकारियों व जवानों ने ट्रेन के साथ फोटो खिंचवाई।
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राज्यपाल और सीएम योगी ने किया राष्ट्रपति का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेन के पार्सल कोच में राष्ट्रपति के साथ आए अधिकारियों का सामान भी रहा, जिसे उतारने के लिए खास तौर पर 20 कुलियों की ड्यूटी लगवाई गई थी। प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन और 10 के बंद होने से सेंट्रल स्टेशन के सिर्फ छह प्लेटफार्मों से ट्रेनों का संचालन हो रहा था। इससे प्लेटफार्मों पर यात्रियों की काफी भीड़ रही।
राज्यपाल और सीएम योगी ने किया राष्ट्रपति का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति के सफर करने से रेलवे को मिला प्रोत्साहन
भारतीय रेलवे और राष्ट्रपति भवन से जारी वक्तव्य के आधार पर बताया गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय रेलवे के आग्रह पर ट्रेन से सफर को स्वीकारा। राष्ट्रपति के ट्रेन से सफर करने के बाद पर्यटन, व्यापार, दूसरे उद्देश्यों के लिए लोग ट्रेन से सफर करने के लिए प्रेरित होंगे, इससे रेलवे को प्रोत्साहन मिलेगा। आम जन के परिवहन रेलवे को चुनने के लिए राष्ट्रपति पीपुल्स प्रेसिडेंट कहे जाएंगे। रेलवे ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर प्रेसिडेंशियल सैलून को बंद कर दिया गया था क्योंकि उसके रखरखाव में सालाना करोड़ों रुपये खर्च होते थे।