उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र में आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के दिल्ली में इलाज के दौरान मौत के बाद गांव में सियासी तूफान रहा। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम गांव पहुंचकर प्रदेश सरकार पर हमलावर हुए।
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सुरक्षा घेरे में दुष्कर्म पीड़िता के गांव पहुंचे भाजपा के मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदेश में अब महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के पीड़िता के घर जाते समय काले झंडे दिखाकर रोकने के प्रयास पर कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकित परिहार को हिरासत में लिया है।
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कांग्रेसियों और सपा नेताओं ने दिखाए काले झंडे
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बाद में दोनों मंत्रियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर 25 लाख रुपये मदद का आश्वासन दिया। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शनिवार दोपहर 12:40 बजे गांव पहुंची। उन्होंने मृतका के पिता और भाभी से आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की।
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पुलिस ने पटकी लाठियां
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बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि योगी जी ने उत्तम प्रदेश बनाया है। इसमें महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है। महिलाएं घर से निकलने से डरतीं हैं और अपराधी बेखौफ हैं। वह यहां 42 मिनट रुकीं। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अजय सिंह लल्लू, प्रमोद तिवारी, जिले की पूर्व सांसद अन्नू टंडन मौजूद रहीं।
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कुछ इस अंदाज में पुलिस ने विरोधियों को हटाया
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इसके बाद प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और प्राविधिक शिक्षा व जिले की प्रभारी मंत्री कमलरानी वरुण गांव पहुंचीं। उनके साथ सांसद हरि साक्षी महाराज भी थे। कांग्रेसियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच यह सभी पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे।
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पुलिस की हुई झड़प
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प्रदेश सरकार की ओर से 25 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की। श्रम मंत्री ने मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। शाम को सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, सपा एमएलसी सुनील साजन, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव गांव पहुंचे। परिजनों को ढांढस बंधाया।
पीड़िता के परिजनों से मिलीं प्रियंका गांधी
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देर शाम प्रदेश के कारागार मंत्री जय सिंह जैकी और सांसद अनुप्रिया पटेल भी गांव पहुंचीं। परिजनों को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित के बेटे और भाजपा नेता अरुण दीक्षित भी परिजनों से मिले। पूरे दिन गांव में सियासी हलचल तेज रही।